बालोद -योग क्रिया मरीजों के साथ साथ सामान्य व्यक्तियों को भी अपनी दिनचर्या में लानी चाहिए। योग करने से शरीर में तनाव पैदा करने वाले कोर्टिसोल नामक हार्मोन स्तर नियंत्रित होता है जिससे तनाव, डिप्रेशन और अवसाद जैसे बहुत से मानसिक विकार दूर होते हैं। उक्त बातें डॉ. वीरेन्द्र गंजीर, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट एवं महामारी व फिजिकल मेडिसिन विशेषज्ञ, बालोद ने कही. उन्होंने कहा मनोविज्ञान एवं तंत्रिका विज्ञान के रिसर्च से प्रकाशित लेख अनुसार योग क्रिया करने से शरीर में सेरोटोनिन नामक हार्मोन का स्त्राव बढ़ता है जो मनुष्य को खुश रहने तथा तनाव मुक्त रहने में मदद करता है। कोविड 19 का उपचार ले चुके मरीजों में अधिकतर लोगों को थकावट, तनाव, एंजायटी,अवसाद, चिड़चिड़ापन जैसे बहुत से पोस्ट कोविड विकार देखने को मिल रहे हैं। बहुत से मरीजों को उपचार के उपरांत भी कई महीनों तक सांस फूलना सांस लेने में तकलीफ तथा कमजोरी जैसे समस्याएं देखने को मिली है योग में कई ऐसी क्रियाए है जो एक्टिव साइकिल आफ ब्रीदिंग टेक्निक की तरह काम करके ब्रिदींग पैटर्न को सुधारती है साथ ही फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाती है। डीप ब्रिथिंग और हफिंग जैसी क्रियाएं करने से फेफड़ों और शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन होता है।
विशेषज्ञ की राय – योग से सेरोटोनिन नामक हार्मोन का स्त्राव बढ़ता है जो मनुष्य को खुश रखने में मददगार है
