बालोद/ गुंडरदेही। पिछले दिनों गुंडरदेही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपदा प्रबंधन के लिए दिए गए 10 लाख के फंड में फिजूलखर्ची का आरोप संबंधित मामला सामने आया था। इस मुद्दे पर शासकीय बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ के द्वारा सीएमएचओ से लिखित शिकायत भी की गई है तो वहीं इस मामले में अब भाजपाई भी मैदान में उतर गए हैं। गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के ही पूर्व विधायक व वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र साहू ने इस मामले में पारदर्शिता से जांच की मांग की है। उन्होंने विधायक गुंडरदेही कुंवर सिंह निषाद से भी मांग की है कि इस पर बारीकी से जांच की जाए। अगर ऐसा हो रहा है तो ठीक नहीं है। सरकार को अभी मेडिकल सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। अगर शासन फंड दे रहे हैं तो उसका सही सदुपयोग सरकार के नुमाइंदों को करना चाहिए लेकिन अगर उन फंड का दुरुपयोग हो रहा है तो इसमें कहीं ना कहीं शासन प्रशासन और सरकार के उन जनप्रतिनिधियों की भी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए उन्होंने पूरे मामले की जिला प्रशासन सहित संबंधित विभाग से गंभीरता से जांच की मांग की है। ज्ञात हो कि बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ द्वारा शिकायत की गई है कि उक्त फंड से जरूरी सामग्री खरीदने के बजाय फिजूल का फर्नीचर खरीदा गया है। जबकि गुंडरदेही अस्पताल सहित ब्लॉक के अस्पताल में सुविधाओं का अभाव है।पर्याप्त कीट नहीं है, ना मास्क है ना सेनेटाइजर का इंतजाम है। इससे खुद डॉक्टर व स्टाफ से कोरोना से पीड़ित हो रहे हैं इस पूरे मामले को गुंडरदेही के पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू ने जोर देते हुए कहा है कि शासन प्रशासन को व्यवस्था सुधारनी होगी। अगर केंद्र सरकार, राज्य सरकार को कोई फंड दे रही है तो उन फंड का सही इस्तेमाल होना चाहिए। अभी वर्तमान में कोरोना एक बड़ी विपत्ति व चुनौती है। इसके लिए केंद्र, राज्य से मिलकर काम करने को तैयार हैं। पर अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि फंड में बंदरबांट करते हैं तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर मामले में जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो हम आगे ठोस कदम उठाएंगे।
गुंडरदेही अस्पताल में फंड में गड़बड़ी के मामले में पूर्व विधायक ने की जांच की मांग, बोले अगर हो रही है गड़बड़ी तो दोषियों पर हो सख्त कार्यवाही, विधायक दे ध्यान