एक नजारा ऐसा भी: प्रचार के दौरान आमने-सामने आ गई प्रतिद्वंद्वी महिलाएं, हुआ आत्मीय भेंट, पल भर के लिए भूल गई राजनीति, दीदी बहना का बन गया रिश्ता
बालोद। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं पर मनभेद नहीं होना चाहिए, राजनीति में उतरना और जीत हासिल करना अपनी अपनी किस्मत और छवि की बात होती है। पर बालोद…
