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योग मन और आत्मा की एकता को सक्षम बनाता है – डाॅ लीना साहू

अर्जुन्दा: योग मन शरीर और आत्मा की एकता को सक्षम बनाता है योग की विभिन्न रूपों से हमारे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य को अलग-अलग तरीकों से लाभ मिलता है अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को इस अनूठी कला का आनंद लेने के लिए मनाया जाता है हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। दुनिया के तमाम देश योग के महत्व को समझते हुए योग दिवस को मनाते हैं। योग का अभ्यास शरीर और मस्तिष्क की सेहत के लिए फायदेमंद है। योग शरीर को रोगमुक्त रखता है और मन को शांति भी देता है। भारत में ऋषि मुनियों के दौर से योग होता आ रहा है। योग भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, जो अब विदेशों में भी फैल गया है। योग के विदेशों में प्रसारित करने का श्रेय हमारे योग गुरुओं को जाता है, जिन्होंने विदेशी जमीन पर योग की उपयोगिता और महत्व के बारे में बताया। लेकिन क्या आपको पता है कि हर साल योग दिवस मनाने की शुरुआत कब से और कैसे हुई?अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग के इतिहास और योग के विश्व प्रसिद्ध होने के बारे में जानिए आज विश्व भर में लोग स्वस्थ रहने के लिए योगाभ्यास कर रहे हैं योग का महत्व कोरोना का आज में और अधिक बढ़ गया जब कोविड-19 के दौरान लोग घरों से बाहर नहीं निकल सकते थे जिम बंद हो गए थे तब लोगों ने मन को शांत रखने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए घर पर ही योगाभ्यास किया लेकिन इस दिन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत साल 2015 में हूं जब पहली बार पूरी दुनिया में योग दिवस एक साथ मनाया गया सवाल है कि 21 जून को ही योग दिवस क्यों मनाया जाता है इसके पीछे एक खास वजह है 21 जून को उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है जिसे लोग गीष्म संक्रांति भी कहते हैं भारतीय परंपरा के मुताबिक गीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन होता है माना जाता है कि सूर्य दक्षिणायन का समय अध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए फायदेमंद है इसी वजह से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाने लगा
डॉ लीना साहू
जिला संगठक राष्ट्रीय सेवा योजना जिला बालोद

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