DAILY BALOD NEWS

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प्रकृति में सौंदर्य का प्रतीक ही बसंत है,,,,, बसंत उत्सव पर संगीत संध्या एवं काव्य गोष्ठी का हुआ ऑनलाइन आयोजन

बालोद। शिक्षक कला व साहित्य अकादमी बालोद जिला इकाई के तत्वाधान में बसंत उत्सव ऑनलाइन संगीत संध्या एवं काव्य गोष्ठी 2022 का आयोजन किया गया। एक अकादमी के संस्थापक एवं संयोजक डॉ. शिवनारायण देवांगन , शिकसा के प्रांतीय अध्यक्ष कौशलेंद्र पटेल के आतिथ्य एवं जिला अध्यक्ष अरुण कुमार साहू के संयोजकत्व में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संस्कृति के परंपरा अनुसार मां सरस्वती के तैल्यचित्र को नमन करते हुए श्रीमती कैशरीन बेग शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भंडेरा ने सरस्वती वंदना गान कर कार्यक्रम का आगाज किया । छत्तीसगढ़ की राजकीय गीत की प्रस्तुति श्रीमती चित्रमाला राठी शिक्षिका प्राथमिक शाला पाऊवारा ने अपने सुमधुर स्वर के माध्यम से अरपा पैरी के धार.. गीत से कार्यक्रम का आगाज हुआ।

अध्यक्षीय उद्बोधन में शिकसा बालोद जिला इकाई के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार साहू , जो कि वर्तमान में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद के प्राचार्य पद पर पदस्थ हैं, ने बसंत पर्व पर अपने भावनाओं को पल्लवित करते हुए यह शुभ संदेश संप्रेषित किया गया कि प्रकृति में सौंदर्य का प्रतीक ही बसंत है एवं बसंत उत्सव कार्यक्रम संगीत संध्या एवं काव्य गोष्ठी में सारगर्भित प्रेरणादायक बातों को संप्रेषित करते हुए अपने भाव पुष्प को बड़े ही सहजता के साथ बताया। साथ ही वीणा वादिनी मां सरस्वती को याद करते हुए बहुत ही सुंदर ढंग से बेहतरीन बसंत गीत प्रस्तुत किया। जो कि बहुत ही सराहनीय व प्रशंसनीय रहा । भारतवर्ष की सुर कोकिला एवं स्वर साम्राज्ञी जो अपने जीवन में संगीत की दुनिया में अनेक उपाधियां हासिल कर इस दुनिया में नहीं रहे। भावभीनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें गाए हुए हरेक गीत को याद किया गया और उस पर अपना सुमधुर लय के साथ बेहतरीन गीत प्रस्तुत कर सबको मन मोह किया। मुख्य अतिथि शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के संस्थापक व संयोजक डॉ शिवनारायण देवांगन आस ने स्वागत उद्बोधन में शिक्षक कला व साहित्य अकादमी के उद्देश्यों को संप्रेषि करते हुए छत्तीसगढ़ के पूरे जिलों में शिकसा कार्यक्रम जो कि शिक्षक और छात्र हित में कार्य करने वाली वृहत परिवार है । इस मंच के माध्यम से अपनी प्रतिभाओं को उकेरने ,सॅंवारने व मंच प्रदान करने वाली एक बहुआयामी पंजीकृत संस्था है जिसमें ज्यादा से ज्यादा शिक्षक कला व साहित्य जगत के विद्यवत ऊर्जावान शिक्षक गण एवं प्रतिभावान बच्चों को शामिल किया जाना है और साथ ही साथ कार्यक्रम की रूपरेखा को और व्यापक रूप में छत्तीसगढ़ में विशेष पहचान बनाने हेतु त्वरित गति से हर ज़िला में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जो शिक्षक कला व साहित्य अकादमी परिवार के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।कार्यक्रम में बालोद जिले के विभिन्न विकास खंड से विद्वत काव्य कलाकारों व रचनाकारों ने अपने भाव पुष्प बिखेरकर मंच को चार चांद लगाने में कामयाबी दिखाये । प्रतिभागी अतिथि में श्रीमती पुष्पा चौधरी शिक्षिका माध्यमिक शाला मटिया ने प्रेरणा गीत , लेखीन साहू प्रधान पाठक प्राथमिक शाला कुआंगोंदी ने इतनी शक्ति हमें देना दाता.. गीत, मुनमुन सिन्हा सहा.शिक्षक प्राथ शाला गैंजी ने लता मंगेशकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके गाए हुए गीत की बेहतरीन प्रस्तुति , प्रद्युम्न कुमार हिरवानी सहा.शिक्षक प्राथ .शाला कुंजकन्हार ने पर्यावरण गीत , रामकुमार प्रजापति व्याख्याता शास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरडोंगर ने फागुन गीत की शानदार प्रस्तुति , ताम सिंह पारकर व्याख्याता शास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसुमकसा ने देशभक्ति गीत , श्रीमती कैशरीन बेग व्याख्याता ने गज़ल , श्रीमती चित्रमाला राठी ने देशभक्ति गीत ऐ मेरे वतन के लोगो… लता दीदी जी के आवाज़ में, हू-ब-हू उन्हें श्रद्धा सुमन समर्पित करते हुए बेहतरीन ढंग से प्रस्तुति दी। सेवक राम निषाद जी ने सुंदर छत्तीसगढ़ी गीत प्रस्तुत कर शिकसा अकादमी की गरिमा व महिमा को गौरवान्वित करने में सहभागिता का परिचय दिया । जिलाध्यक्ष अरुण कुमार साहू ने आगामी ऑफलाइन कार्यक्रम को व्यापक व विस्तारित रूप में बेहतर कराने का सफल प्रयास सभी साथियों से तन मन वचन व धन का सहयोग की अपेक्षा के साथ जुडे हुए दर्शक दीर्घा बंधुओं को बहुत-बहुत बधाई देते हुए आभार प्रदर्शन किया गया । कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र कुमार श्रवण व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खलारी डौंडी ने अपने प्रतिभा की आभा को बिखेरते हुए नयनाभिराम मंचन करते हुए लता मंगेशकर जी के याद में विदा क्या करें हम ….भरे इस नयन से हृदय हो रहा है …आपके आगमन से.. स्वरांजलि देते हुए शमां बांधने में सफलता हासिल किये ।. कार्यक्रम में लक्ष्मीनारायण साहू, शिवकुमार अंगारे, हर्षा देवांगन आदि उपस्थित रहे।

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