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गांव में गूंजे जयकारे, उड़ीसा से पहुंचे महाराज आंगा देवता: तीन दिवसीय पूजा-अनुष्ठान से सुख-समृद्धि की कामना

भांठागांव बी में ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और आतिशबाजी से किया स्वागत, तीन दिनों तक बंद रहेंगे सामान्य कार्य

बालोद/सिकोसा/गुंडरदेही। जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम भांठागांव बी में धार्मिक आस्था और सामूहिक विश्वास का विशेष माहौल देखने को मिला, जब ग्रामीणों के लंबे प्रयासों के बाद उड़ीसा से महाराज आंगा देवता गांव पहुंचे। उनके आगमन पर पूरे गांव में उत्साह का वातावरण बन गया और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, जयघोष और स्वागत समारोह के साथ उनका अभिनंदन किया।

जानकारी के अनुसार 22 जून 2026, सोमवार को शाम लगभग 5:30 बजे महाराज आंगा देवता ग्राम भांठागांव बी पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश स्थल पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और पैदल यात्रा के रूप में उन्हें गांव तक लेकर पहुंचे। स्वागत के दौरान पटाखे फोड़े गए और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

देवी-देवताओं के शुद्धिकरण और पूजा के लिए विशेष आयोजन

ग्रामीणों के अनुसार गांव में देवी-देवताओं के पूजन, शुद्धिकरण और धार्मिक अनुष्ठान के लिए इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। बताया गया कि तीन दिनों तक गांव में पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां संचालित होंगी, जिसके चलते कई सामान्य कार्य भी सीमित रहेंगे और पूरा गांव धार्मिक वातावरण में सहभागी बनेगा।

“गांव की समस्याएं दूर हों और सुख-समृद्धि आए”

ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि ग्रामीणों की लंबे समय से इच्छा थी कि इस प्रकार का धार्मिक आयोजन गांव में हो, जिससे सकारात्मक वातावरण बने और ग्राम में सुख-शांति का संदेश पहुंचे। उनका कहना है कि गांव की विभिन्न समस्याओं के समाधान और सामूहिक कल्याण की भावना के साथ यह आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उड़ीसा से पहुंचे महाराज के मार्गदर्शन में गांव के समस्त देवी-देवताओं का पूजन एवं शुद्धिकरण कर ग्रामवासियों के स्वस्थ जीवन, सुख, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की जाएगी।

ग्रामीणों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील

आयोजकों और ग्राम पंचायत की ओर से सभी ग्रामीणों से अपील की गई है कि पूजा-अनुष्ठान के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखें तथा धार्मिक आयोजन को सौहार्द और अनुशासन के साथ सफल बनाएं।

धार्मिक आस्था, सामूहिक सहभागिता और गांव के सामूहिक कल्याण की भावना से जुड़ा यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सिकोसा से रूपचंद जैन की रिपोर्ट

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