DAILY BALOD NEWS

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बिजली खपत के एक-एक पैसे का मिलेगा हिसाब , 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं को मिल चुकी स्मार्ट मीटर की सौगात

बालोद। नये वर्ष की सुबह दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिले) के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता और आधुनिकता की नई किरण लेकर आ रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) दुर्ग क्षेत्र ने नव वर्ष के अवसर पर 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की सौगात दे दी है। अब उपभोक्ता नए साल में अपनी बिजली खपत के एक-एक पैसे का हिसाब रख सकेंगे। उल्लेखनीय है कि दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 09 लाख 80 उपभोक्ताओं में से कुल 05 लाख 71 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि विद्युत रीजन दुर्ग के तीनों जिलों के लगभग 65 प्रतिशत लोगों के घरों में आधुनिक स्मार्ट बिजली मीटर लग चुके हैं, जिससे वे नई व्यवस्था का सीधा लाभ उठाना शुरू कर चुके हैं। अब खपत की पाई-पाई का रिकार्ड उपभोक्ता देख सकेंगे। हर आधे घंटे में कितनी यूनिट बिजली की खपत हुई उसका रिकार्ड देख सकेंगे, जिससे विद्युत का किफायत से उपयोग किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर बिलिंग और रीडिंग सहीं समय पर हो रही है।

इतने है स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता

विद्युत रीजन दुर्ग के अंतर्गत विभागीय संभाग भिलाई शहर पश्चिम में 62075, भिलाई पूर्व संभाग में 48968, दुर्ग शहर संभाग में 59244, बालोद संभाग में 103696, दुर्ग संभाग में 73058, बेमेतरा संभाग में 53556, साजा संभाग में 52131, अहिवारा संभाग में 53196 एवं पाटन संभाग में 65152 निम्नदाब उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी एवं सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं।

इस तरह की है सुविधा

कंपनी ने बताया कि उपभोक्ता अब हर आधे घंटे में देख सकेंगे कि कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई। अब घर पर मीटर रीडर का इंतजार करने की जरुरत नहीं होगी, रीडिंग सीधे विभाग तक पहुंच जायेगी। स्मार्ट मीटर के प्रीपेड हो जाने पर हर साल जमा की जाने वाली सुरक्षा निधि से उपभोक्ताओं को मुक्ति मिल जाएगी। बैंक अकाउंट की तरह अब उपभोक्ता के फोन पर बिजली का पूरा हिसाब मौजूद रहेगा। भविश्य में 10 किलोवॉट से अधिक संबद्ध भार वाले निम्नदाब उपभोक्ताओं को टी.ओ.डी. टैरिफ पर बिल किया जाएगा, जिससे बिजली की प्रचलित दर में की गई खपत पर छूट का प्रावधान होगा। कंपनी ने बताया कि यह सब स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही संभव होगा। ज्ञातव्य हो कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के द्वारा जारी मीटरिंग कोड एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये नियमों के पालन में प्रदेष के सभी निम्नदाब उपभोक्ताओं के यहां पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलना अनिवार्य है। यह कार्य भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशो पर आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उपभोक्ता अपना मोबाइल नंबर अवश्य रजिस्टर कराएं क्योंकि मीटर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचना उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस एवं वाट्सअप के माध्यम से भेजे जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से अपनी दैनिक खपत देख सकते हैं और बिल तथा विद्युत से संबंधित अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

निःशुल्क लगाए जा रहे मीटर

स्मार्ट मीटर लगाना पूरी तरह से निःशुल्क है। भविष्य में सोलर रुफटॉप कनेक्शन लेने पर स्मार्ट मीटर लगे परिसरों में नेटमीटर लगाने की जरूरत नहीं होगी। स्मार्ट मीटर में अब मानवीय त्रुटियों की संभावना शून्य हो गई है। मुख्य अभियंता ने कहा कि जीनस कंपनी के कर्मचारी यूनिफार्म एवं विद्युत विभाग के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित आईकार्ड के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सीएसपीडीसीएल अपने शेष सभी उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य त्वरित गति से कर रही है एवं उपभोक्ता भी सहयोग कर रहे हैं और स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं।

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