DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

15 साल पहले बहकावे में आकर बदल चुके थे धर्म, बालोद के संत बिरेंद्र देशमुख ने कराई हिंदू धर्म में वापसी

कांकेर जिले के चारामा क्षेत्र के हाराडुला गांव में हुआ हिंदू सम्मेलन, आठ परिवार के धर्म का हुआ शुद्धिकरण, 15 साल बाद धर्म वापसी

बालोद/कांकेर। बालोद जिला सहित छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में धर्मांतरण की एक ज्वलंत समस्या बनी हुई है। लोगों को कई तरह के प्रलोभन देकर या बहका कर उन्हें धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। शिक्षा और जागरूकता के अभाव और गरीबी के चलते लोग अपना धर्म छोड़कर विधर्मी बन रहे हैं। खासकर ईसाई मिशनरी द्वारा ऐसे कृत्य को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर दूसरी ओर हिंदू संगठन ऐसे रास्ते भटक चुके लोगों को वापस अपने मूल धर्म में लाने के लिए प्रयास कर रही। इसी तरह के एक प्रयास में सफलता मिली है कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम हाराडुला में। जहां पर रविवार को आठ परिवारों को हिंदू धर्म में वापसी कराई गई।

15 साल से ये परिवार अन्य धर्म को अपनाकर अपना मूल धर्म छोड़ जीवन यापन कर रहे थे। उनका शुद्धिकरण कर उनकी आरती उतार कर उन्हें वापस हिंदू धर्म में प्रवेश दिलाया गया। समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से यह नेक काम किया है बालोद जिले के समाजसेवी और संत नाड़ी वैद्य गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने।

जिन्होंने धर्म बदल चुके ग्रामीणों को 15 साल बाद वापसी करते हुए उनकी पूजा अर्चना की। हार पहनाया और केसरिया वस्त्र ओढ़ाकर उन्हें हिंदू धर्म में वापसी की शुभकामनाएं दी और आगे किसी भी तरह के बहकावे में न आने की अपील की गई। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा बाहर से आकर गांव में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा था। हिंदू धर्म में आ रही इस संकट को देखते हुए लगातार सनातनी लोग इस प्रयास में जुटे हुए थे कि कैसे उन भटके हुए परिवारों को वापस हिंदू संस्कृति से जोड़ा जाए और अब आठ लोगों की 15 साल बाद वापसी करवा कर सनातन संस्कृति को बचाने का प्रयास सफल हुआ है। इस मौके पर पहुंचे बालोद के संत समाज सेवी बिरेंद्र देशमुख ने कहा कि इस गांव में अपना धर्म बदल चुके 8 परिवारों ने मूल धर्म में वापसी की है. सभी परिवारों को ग्रामीणों ने मिलकर घर वापसी करवाई. कुछ लोगों ने तो कई साल बाद अपने मूल धर्म में वापसी की है. गांव में आयोजित सामाजिक बैठक में परिवारों ने औपचारिक रूप से घर वापसी की घोषणा की. इसके बाद हिन्दू सम्मेलन के आयोजन के जरिए उनका घर वापसी कराया गया । उक्त आठ परिवार के प्रमुखों को उन्होंने तिलक लगाया और गले लगाकर हिंदू धर्म में वापस शामिल कराया। बीरेंद्र देशमुख ने इन लोगों से चर्चा कर हिंदू धर्म की महत्ता बताई। इसके अलावा हिन्दू धर्म से अलग हुए अन्य परिवारों को भी हिंदू धर्म में वापस शामिल होने प्रेरित किया। घर वापसी करने वालों में रघुनाथ सिन्हा,मुकेश बघेल, हीरालाल रजक, लक्ष्मण सोनवानी, मुकुंद रजक और श्रीराम सोनवानी शामिल हैं। इन्होंने बताया कि ये 15 साल से धर्म परिवर्तन कर जीवन यापन कर रहे थे।

भ्रम फैलाकर धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिश

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ परिवारों को वर्षों से भ्रम फैलाकर धर्म परिवर्तन कराया गया था. परिवारों की इस घर वापसी के बाद गांव का माहौल शांतिपूर्ण है. ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी परंपराओं और संस्कृति के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं। संत श्री देशमुख ने धर्मांतरण की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है. इस वजह से हमारे समाज और भाईचारे में फूट पड़ रही है. हम सभी ग्रामवासियों से अपील कर रहे हैं कि वो किसी भी चीज के बहकावे में ना आए.धर्म परिवर्तन करने से आपस में भाईचारा खत्म होता है.इसलिए सभी को एकजुट होकर समाज के अंदर चल रही ऐसी गतिविधियों को रोकना होगा। वहीं छग सरकार से भी हम मांग करते हैं कि प्रलोभन देकर या गरीबी का फायदा उठाकर जिस तरह से अवैध धर्मांतरण कराया जा रहा है उस पर रोक लगाने के लिए ठोस कानून बनाया जाए।

अपनी सनातन धर्म और संस्कृति पर रखिए अटूट आस्था

गुरुदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सत्य सनातन धर्म का पालन ही हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। अपनी सनातन संस्कृति और धर्म पर अटूट आस्था रखिए। हम हिंदू धर्म में ही सुरक्षित हैं। अन्य धर्म अपनाए लोगों से उन्होंने अपील की कि वे वापस अपने घर आएं और परिवार के साथ रहकर सुखमय जीवन बताएं। गांव में आयोजित हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम में ओमप्रकाश साहू, शिवेंद्र साहू कोलियारा, डॉक्टर योगेंद्र साहू, भूपेंद्रनाथ, रामदयाल साहू, महेंद्र गावड़े, सोन साय साहू, सरपंच सुशीला मरकाम, केशव साहू, गिरी किशोर साहू, परमानंद साहू, जीवधर सिन्हा, ग्राम पटेल रघुनंदन साहू, सोनसाय साहू विभाग बौद्धिक प्रमुख उत्तर बस्तर कांकेर मनोज कुमार जैन , केशव साहू, चंद्रशेखर सोनकले, राधेश्याम कोडप्पा ,पुरुषोत्तम सोनी ,लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा, भगवान सिंह साहू, उमेश्वरी ओझा, ममता सोनवानी, लिलेश्वरी मंडावी, खुशबू साहू सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

You cannot copy content of this page