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छत्तीसगढ़ के दृष्टिबाधितों के लिए हिंदी भाषा इंटरनेट की सुलभता व उपयोगिता : अरविंद शर्मा

बालोद– बालोद जिले के दृष्टिबाधित शिक्षक अरविन्द शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में इंटरनेट शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सहभागिता का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। छत्तीसगढ़ के दृष्टिबाधित व्यक्तियों के संदर्भ में हिंदी भाषा में इंटरनेट की सुलभता और उपयोगिता का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से Whose Knowledge के सहयोग से यह शोध किया गया। शोध में यह सामने आया कि हिंदी भाषा में उपलब्ध डिजिटल सामग्री धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे दृष्टिबाधित उपयोगकर्ताओं को स्क्रीन रीडर और वॉइस असिस्टेंट के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिल रही है। सरकारी वेबसाइटें, कुछ समाचार पोर्टल, यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हिंदी में सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है। हालाँकि, व्यवहारिक स्तर पर कई चुनौतियाँ भी सामने आईं। अधिकांश वेबसाइटें पूर्णतः एक्सेसिबल नहीं हैं, हिंदी कंटेंट की गुणवत्ता और संरचना कई बार स्क्रीन रीडर के अनुकूल नहीं होती, तथा स्थानीय संदर्भों से जुड़ी सामग्री की कमी भी महसूस की गई। इसके अलावा, डिजिटल साक्षरता और प्रशिक्षण के अवसर सीमित होने के कारण अनेक दृष्टिबाधित लोग उपलब्ध संसाधनों का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

निष्कर्षतः, छत्तीसगढ़ में दृष्टिबाधितों के लिए हिंदी भाषा इंटरनेट की उपयोगिता में संभावनाएँ तो हैं, परंतु इसे वास्तविक रूप से प्रभावी बनाने के लिए एक्सेसिबल वेबसाइट डिज़ाइन, गुणवत्तापूर्ण हिंदी कंटेंट, और निरंतर डिजिटल प्रशिक्षण की आवश्यकता है। यदि इन क्षेत्रों में सुधार किया जाए, तो हिंदी इंटरनेट दृष्टिबाधित समुदाय के सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन सकता है।

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