बालोद| छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर पूरे बालोद जिले मे कर्मचारी व अधिकारी मोदी की गारंटी लागू करवाने की मांग व 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पर कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंप कर व रैली निकाल कर प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार गारंटी के अनुरूप सुविधाएं लागू करवाने और राज्य सरकार से लंबित मांगों के जल्द निराकरण की मांगों को लेकर किया जा रहा है।
फेडरेशन की प्रमुख मांगे इस तरह है:
फेडरेशन की प्रमुख मांगे इस तरह है -:
- प्रशासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान डीए डीआर दिया जाए।
- लंबित डी ए एरियर राशि खाते में समायोजित करने की मांग
- चार स्तरीय वेतनमान देने और केंद्र के समान 33 वर्ष के स्थान पर 25 वर्ष सेवा पूरी करने पर पूर्ण पेंशन दिया जाए
- नि:शर्त अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग।
- अनियमित /संविदा /दैनिक वेतन भोगी अतिथि शिक्षक सहित विभिन्न संवर्ग का नियमितीकरण
- सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर हो
- लिपिक, सहायक शिक्षकों एवं अन्य संवर्ग के वेतन के लिए गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए
- पंचायत सचिव की शासकीयकरण करने की मांग
- अर्जित अवकाश 240 दिन के स्थान पर 300 दिन करने प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग।
बालोद जिले में स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर धरना जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिला संयोजक लोकेश कुमार,महासचिव घनश्याम पुरी, फेंसनर फोरम संयोजक मधुकात यदु, जिला अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संघ वीरेंद्र देशलहरे, छग प्रदेश शिक्षक फेडरेशन जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष परशुराम धनेन्द्र, छग प्रदेश शिक्षक संघ से तामेश्वर कौशल, पेंशनर संघ जिला अध्यक्ष आरएम चावड़ा, चेतन यादव, राज्य कर्मचारी संघ सचिव गजेंद्र पुरी गोस्वामी, राजेंद्र कुमार साहू, लोमन राणा, कृष्णापुरी गोस्वामी, गिरीश देवांगन, जिला सचिव मनसुख दास साहू, तहसील अध्यक्ष भूधर दास जोशी, मनीष साहू, आस्था चंद्राकर, यूरेका साह, राधा राहू व अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
