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स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति का 178वां सप्ताह: पौधरोपण, स्वच्छता और गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर चला जागरूकता अभियान, नदी-तालाब और मंदिर परिसरों से कचरा हटाकर लोगों को स्वच्छता एवं जल संरक्षण के लिए किया जागरूक

दुर्ग/बालोद। हरा-भरा और स्वच्छ धरा के उद्देश्य को लेकर स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ द्वारा संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में लगातार 178वें सप्ताह भी पौधरोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं गाजर घास उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। समिति की टीम ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर स्वच्छता अभियान चलाने के साथ पौधरोपण किए और पूर्व में लगाए गए पौधों की निंदाई-गुड़ाई एवं देखभाल भी की।

अभियान के तहत शिवनाथ नदी घाट, मुक्ति धाम गार्डन दुर्ग में बड़ी मात्रा में उगी गाजर घास को जड़ सहित उखाड़कर नष्ट किया गया। इसके साथ ही गार्डन एवं नदी परिसर में फैली गंदगी और कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया। पूर्व में ट्री गार्ड में लगाए गए पौधों की भी निंदाई-गुड़ाई कर उनकी देखभाल की गई। वहीं श्री मनोकामेश्वर मंदिर भिलाई नगर परिसर एवं मंदिर के तालाब के आसपास से पानी पाउच, गुटखा पाउच, प्लास्टिक बोतल सहित अन्य कचरा एकत्रित कर सफाई की गई।

समिति ने सार्वजनिक स्थलों, मंदिर परिसरों, गार्डन, नदी एवं तालाबों में शराबखोरी कर गंदगी फैलाने वालों से अपील करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थानों की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। लोगों से इन स्थानों पर शराब का सेवन नहीं करने और कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालने का आग्रह किया गया।

ग्राम पापरा, बालोद में पौधरोपण किया गया। वहीं रिसाली सेक्टर भिलाई के दशहरा मैदान में स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति के जागरूकता अभियान से प्रभावित योग लंगर समिति की टीम के साथ संयुक्त रूप से स्वच्छता अभियान चलाया गया। मैदान में भारी मात्रा में फैले कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की देखभाल की गई।

इसी क्रम में शिव पार्वती धाम बालोद, शिव मंदिर महाकाल सुरेगांव, शिव दुर्गा मंदिर भिलाई, कपिश्वर धाम भिलाई एवं ग्राम अंजोरा दुर्ग सहित विभिन्न स्थानों पर गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास को जड़ सहित उखाड़कर नष्ट किया गया। वहीं महादेव घाट एवं शिव मंदिर में भी समिति के सदस्यों ने स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर कचरे को निर्धारित स्थान पर पहुंचाया।

समिति के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों से प्लास्टिक की झिल्ली, कागज, खाद्य पदार्थों के रैपर, प्लास्टिक चम्मच, पानी पाउच, प्लास्टिक बोतल, गुटखा पाउच, जूठे दोना-पत्तल, शराब की बोतल, डिस्पोजल एवं पूजा-हवन सामग्री सहित अन्य कचरा एकत्रित किया। नदी में सड़ रहे और दुर्गंध फैला रहे कचरे को बाहर निकालकर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया।

समिति के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने बताया कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ पिछले करीब पांच वर्षों से शिवनाथ नदी सहित विभिन्न नदी-तालाबों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चला रही है। समिति द्वारा लोगों को नदी में कचरा नहीं डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता के परिणामस्वरूप कई लोग नदी में तैरते कचरे को निकालकर घाट के सुरक्षित स्थान पर रखने लगे हैं, जिसे नगर निगम प्रशासन द्वारा उठाकर निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाता रहा है।

उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से घाट पर एकत्रित कचरा समय पर नहीं उठाए जाने के कारण वह दोबारा नदी में जाने लगा था। इस संबंध में निगम प्रशासन को अवगत कराने के बाद कचरा उठाकर ले जाया गया। उन्होंने दुर्ग निगम प्रशासन से अपील की है कि शिवनाथ नदी, मुक्ति धाम, महमरा एनीकट, वार्ड क्रमांक 35 क्षेत्र में नदी घाट पर लोगों द्वारा एकत्रित किए गए कचरे को तत्काल उठाकर निर्धारित स्थान पर डंप किया जाए।

अभियान के दौरान नदी, तालाब, मंदिर एवं सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों को बैनर, नारे, स्लोगन और कविताओं के माध्यम से स्वच्छता, जल संरक्षण, नशामुक्ति, गाजर घास उन्मूलन, पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान लोगों से नदी एवं तालाबों के पानी को स्वच्छ रखने और कचरा इधर-उधर नहीं फेंकने की अपील की गई।

समिति द्वारा “जल है तो बल है”, “जल ही जीवन धारा है, जिसने हमें संवारा है”, “जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ”, “पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ” तथा “नशे का होना आदी, घर परिवार की है बर्बादी” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए “जितने काटोगे पेड़, उससे अधिक हम लगाएंगे। जमीन कम पड़ेगी तो क्या हुआ, आसमान में भी उगाएंगे” का संदेश दिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि समिति द्वारा हर वर्ष गर्मी से पहले और बरसात के दौरान गाजर घास उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। कई स्थानों पर गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट करने के प्रयासों से इसके फैलाव में कमी भी आई है। उन्होंने तालाबों में कुंड निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि सफाई के बाद तालाब में पानी भरने से जल स्रोत को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलती है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि पूजन सामग्री का कम से कम उपयोग करें और नदी एवं तालाबों में पूजा सामग्री विसर्जित करने से बचें, ताकि जल स्रोतों में गंदगी और दुर्गंध न फैले। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता में ही ईश्वर का वास होता है” और “स्वच्छ धरा पर चल, होगा हर समस्या हल” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है।

समिति की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति जागरूकता अभियान के साथ स्वयं कचरा एवं गंदगी उठाकर समाज के हर वर्ग को स्वच्छता, जल संरक्षण, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण एवं गाजर घास उन्मूलन के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास भी इसी तरह स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्य करने और अन्य लोगों को जागरूक करने की अपील की।

इस अभियान में प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल, संयुक्त सचिव सुरेंद्र साहू, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल, टीनल हरदेल, महेंद्र यादव, चितरंजन दुर्गा देशमुख, भानु शंकर बेलचंदन, कार्तिक राम चंद्राकर, भानु सिंह साहू, श्वेता जैन, निकिता जयेश शिंगणे, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, बालोद से हर्ष देशमुख, ग्राम पापरा से भागीरथी सिन्हा, दाऊ लाल बघेल, संदीप ताम्रकार, देवेंद्र कहार, दुर्योधन साहू, राजेश कुमार, नरेंद्र देशमुख, विजय कुमार सिंह, तरुणा देशमुख, मधु कुमार देशमुख, कामिन साहू, सरोज साहू, सारिका मेश्राम, संजू, स्वेता, मनिमाला, श्याम राय, रायपुर से शंकर गुंडे सहित अनेक गणमान्य नागरिकों एवं समिति के सदस्यों ने सहभागिता निभाई।

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