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“One rupee saved is one rupee earned”; कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सीखा वित्तीय प्रबंधन

राजनांदगांव| शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव की प्राचार्य डॉ अंजना ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में तथा आइक्यूएसी समन्वयक डॉ अनीता साहा एवं जिला एनएसएस प्रभारी डॉ सुरेश पटेल के नेतृत्व में डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा वित्त पोषित एवं पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर एवं दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव, छ.ग. के संयुक्त तत्वावधान में “वित्तीय साक्षरता” विषय पर अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों हेतु दिनांक 4 जुलाई से 6 जुलाई 2024 तक एक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस में उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री कैलाश कुमार खुटियारे, डिप्टी फाइनेंस ऑफिसर, जिला पंचायत, राजनांदगांव उपस्थित हुए। उन्होंने प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा फाइनेंशियल मैनेजमेंट से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी प्रदान की। प्राचार्य डॉ अंजना ठाकुर ने प्रतिभागियों को बजट बनाकर वित्त के प्रबंधन की सलाह दी। प्रथम वक्ता के रूप में डॉ. सुरेश पटेल, सहायक प्राध्यापक, भौतिक शास्त्र ने वित्तीय साक्षरता: बचत, बजट एवं निवेश विषय पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। द्वितीय वक्ता के रूप में डॉ. डी पी कुर्रे, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग ने वित्तीय साक्षरता का महत्व: वर्तमान में भारत में वित्तीय साक्षरता का स्तर विषय पर प्रभावशाली उद्बोधन दिया एवं विद्यार्थियों के प्रश्नों के भी उत्तर दिए।कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में प्रथम सत्र के वक्त श्री रोहित पाल, रीजनल ऑफिसर, फाइनेंशियल लिटरेसी, नारायणपुर थे उन्होंने बैंकिंग एवं बैंक प्रोसेस पर विद्यार्थियों को पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। दूसरे सत्र की प्रथम वक्ता श्रीमती डेरहिन मटियारा, एफएलसीआरपी, कांकेर उपस्थित थीं, जिन्होंने फाइनेंशियल रिस्क और गेम तथा स्मार्ट सेविंग, लोन, इंश्योरेंस एंड पेंशन इत्यादि पर खेल के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता से जुड़े इन तथ्यों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के तीसरे दिन के प्रथम वक्ता श्री वरुण कुमार शुक्ला ब्रांच मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया राजनांदगांव उपस्थित हुए, जिन्होंने बैंकिंग सर्विसेज और उनके प्रबंधन के विषय में विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की तथा उन्होंने विद्यार्थियों को बैंकिंग के क्षेत्र में निकलने वाली विभिन्न नौकरियां हेतु प्रयास करने हेतु प्रेरित किया। दूसरे वक्ता के रूप में श्री द्वारिका प्रसाद लाउत्रे की आई, साइबर सेल, राजनांदगांव उपस्थित हुए, जिन्होंने साइबर क्राइम विषय पर विद्यार्थियों को वर्तमान में हो रहे साइबर क्राइम के उदाहरण के साथ विस्तृत में जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम से बचने के उपाय भी बताएं। कार्यशाला के समापन समारोह में श्री सुशील गजभिए फाइनेंस ऑफिसर, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग मुख्य अतिथि के रूप में तथा प्रोफेसर कविता ठाकुर, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फोटोनिक्स एवं रिन्यूएबल एनर्जी पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला से वित्तीय साक्षरता से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की एवं अपने फीडबैक के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने प्रसन्नता जाहिर की कि वह इतने ज्वलंत विषय पर इतनी महत्वपूर्ण जानकारियां इस कार्यशाला के माध्यम से प्राप्त कर पाए तथा उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भी अपने आसपास रहने वाले लोगों को इस विषय पर जागरूक करने का प्रयास करेंगे। अतिथियों ने महाविद्यालय के इस प्रयास की काफी सराहना की।

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