बालोद/ दुर्ग । यह तस्वीर है ग्राम जंजगिरी (अंडा) के विश्वकर्मा परिवार के आंगन की। जहां पर थाली में चार शंख और एक सीप रखा हुआ है। यह शंख कहीं से खरीदे नहीं गए हैं ना कहीं से लाए गए हैं। बल्कि यह शंख इस परिवार के बाड़ी में 26 जून की सुबह 7 मिट्टी में मिले हैं। बताया जाता है कि परिवार की बेटी लीना विश्वकर्मा ने सबसे पहले इन शंखों को मिट्टी में देखा और वह इन्हें उठाकर तुलसी चौरा के पास लेकर आई और थाली में रखी। ग्रामीण इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं और पूजा पाठ करने के लिए, दर्शन करने के लिए हुजूम उमड़ने लगा है। परिवार के मुखिया लीलाधर विश्वकर्मा ने बताया कि लोग इसे भगवान विष्णु का चमत्कार मान रहे हैं। गुरुवार के दिन पूजा पाठ के लिए लोगों की कतार लगी रही। बालोद जिले के भोईनापार के सरपंच कोमल विश्वकर्मा ने बताया कि वह स्वयं इन शंखों का दर्शन करने के लिए गए थे और एक साथ इस तरह शंखों का मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। घर वालों ने बताया कि सुबह मिट्टी में कुछ हलचल सी होने लगी। पास जाकर देखे तो उसमें से शंख निकल रहे थे। सभी जीवित अवस्था में थे। जिन्हें अब थाली में रखा गया है और ग्रामीण दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। दो शंख आपस में चिपके हुए हैं।

