बालोद। गुरुर नगर पंचायत में इंजीनियर लक्ष्मी कोठारी और सीएमओ के कार्य शैली से पार्षद परेशान हो चुके है। जिससे शासन से प्राप्त करोड़ो की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिसकी सीधे शिकायत एवं जांच करवाने के लिए तीन पार्षद इंद्रावती भवन संचालनालय पहुंचे। पार्षदों ने बताया कि नगर पंचायत गुरूर में अधोसंरचना मद से जोगिया तालाब सौंदरी करण एवं गहरीकरण करने की स्वीकृति पर कार्य चल रहा है। किंतु नगर पंचायत के इंजीनियर श्रीमती लक्ष्मी कोठारी के द्वारा प्रक्रिया को दरकिनार कर मनमाने तरीके से कार्य कराया जाता है। वर्तमान में 12 लाख राशि के कार्य को बिना कोई प्राकलन तैयार किए तथा कार्य स्थल का बिना भौतिक निरीक्षण किए,बिना कोई जिओ टैग रिकॉर्ड बनाए ठेकेदारों को भुगतान किया गया। जहां किए गए कार्य का कोई अता पता नहीं है। नगर में जोगिया तालाब सुंदरीकरण कार्य में लाखो का भ्रष्टाचार और अनियमितता के नजर आते पार्षदों और वर्तमान साय सरकार के प्रति नागरिकों का रोष उत्पन्न हो रहा है। जिसका मुख्य जिम्मेदार इंजीनियर श्रीमती लक्ष्मी कोठारी है। जिनका अपने कार्य क्षेत्र पर कोई कुशलता नजर नहीं आती, ना ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर पाती हैं। फलस्वरुप शासन से विकास कार्य करने के लिए प्रदान किए गए पर्याप्त राशि के बावजूद नगर पंचायत परिषद में प्रस्तावित कई आवश्यक विकास कार्य जैसे तहसील कार्यालय के सामने कांप्लेक्स निर्माण,अंबेडकर चौक पर कांप्लेक्स निर्माण नही हो पा रहा है।
अपने ही कार्यालय में जानकारी के लिए घुमाते हैं अधिकारी, लगाना पड़ता है आरटीआई
पार्षद मुकेश साहू, सोनू लोहले और शोभित ओझा ने बताया कि कार्यालय में इंजीनियर व अधिकारी की मनमानी चल रही है। कोई कामकाज नियमानुसार नही हो रहा है। पूरा काम लीपापोती चल रहा है। ऊपर शिकायत करने के लिए हमे दस्तावेज की जरूरत होती है तब उसे भी देने से साफ इंकार किया जाता है। एक जनप्रतिनिधि को अपने ही कार्यालय में जानकारी लेने के लिए आरटीआई लगाना पड़ता है। हमारा सवाल है क्या मुख्यमंत्री को भी अपने कार्यालय से जानकारी लेने के लिए आरटी आई लगाना पड़ता होगा।
संचलानालय में उच्च अधिकारी को हमने यह सब अवगत कराया तब उन्होंने तत्काल करवाई करने का आश्वासन दिया है।

