अनुविभागीय अधिकारी गुण्डरदेही के मार्गदर्शन में तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और हल्का पटवारी की संयुक्त टीम ने की जाॅच
बालोद| अनुविभागीय अधिकारी गुण्डरदेही श्री सुरेश साहू ने बताया कि सोशल मीडिया में प्रसारित गुण्डरदेही में तहसील के बगल में 30 फीट रोड के साथ, बेस्ट लोकेशन में, डायवर्टेड आवासीय प्लॉट का ब्लू प्रिट नक्शा पूरी तरह से भ्रमाक है। उन्होंने बताया कि उक्त के संबंध में तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी की संयुक्त टीम से जॉच कराया गया जॉच अनुसार ग्राम रेंगाकठेरा पटवारी हल्का नम्बर 33 रा.नि.मं. कंलगपुर तहसील गुण्डरदेही जिला बालोद अंतर्गत तहसील के बगल ग्राम रेंगाकठेरा में अवैध प्लाटिंग के संबंध में किसी प्रकार का चिन्हांकन नही पाया गया, परन्तु खसरा नं. 179/1, 180/2, 188 रकबा कमशः 0.36, 0.03, 0,53 हे. भूमि भुपेन्द्र कुमार आ. रामूराम वगैरह ग्राम रेंगाकठेरा के नाम पर तथा खसरा नं. 180/1 रकबा 0.22 हे. सेवती पिता आशाराम के नाम पर दर्ज है, जिनकी भूमि पर प्रीकास्ट (घेरा) किया जा रहा है। ग्राम रेंगाकठेरा पटवारी हल्का नम्बर 33 के राजस्व अभिलेखानुसार ग्राम रेंगाकठेरा में प्लॉटिंग किये जाने लायक डायवर्टेड भूमि उपलब्ध नही है। उन्होंने बताया कि दुर्ग से बालोद मार्ग में ग्राम सिकोसा स्थित भूमि ख.नं. 858 रकबा 1.17 हे. मनसुभा के नाम पर दर्ज रही उनके वारिसान दशराज, सावली बाई, कमला, चन्द्रिका पिसरान मनसुखा के मध्य आपसी बंटवारा में खं.न. 858 का टुकडा ख.नं. 858/1 रकबा 0.29 दशराज के वारिसान ओमप्रकाश, 858/2 रकबा 0.29 सावली बाई पिता मनुसुखा, ख.नं. 858/3 रकबा 0.29 हे. कमला पिता मनसुखा, तथा ख.नं. 858/4 रकबा 0.30 हे. चन्द्रिका पिता मनसुखा के नाम पर दर्ज रहा है उक्त भूमि को वर्ष 2021 में जसवंत डड़सेना पिता महेश कुमार द्वारा क्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में जो भूमि का ब्लू प्रिंट दर्शाया गया वह भूमि डायवर्टेड नही हुआ और न ही उक्त खसरे की भूमि में मुरूम रास्ता वगैरह उपलब्ध नही है, उक्त भूमि में घास पौधा लगा हुआ है प्लांटिग जैसा स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहा है। इस प्रकार तहसील गुण्डरदेही अन्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के संबंध में सोशल मीडिया में प्रसारित पोस्ट भ्रामक प्रतीत होता है।
