
बालोद। बालोद नगर के पाररास वार्ड में एक महिला पूजा पर धर्मांतरण करवाए जाने का आरोप लगाते हुए भाजपाइयों सहित स्थानीय वार्ड वासियों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। लगातार उक्त किराए के मकान में बालोद सहित आसपास के और दूरदराज के लोगों को इकट्ठा करके प्रार्थना सभा आयोजित करने की शिकायत प्राप्त हो रही थी। जिसके चलते उनके प्रभाव में आकर पाररास के एक, दो परिवार भी धर्मांतरण कर चुके थे। लगातार में रही शिकायत को देखते हुए शनिवार को मोहल्ले के लोगों का आक्रोश बढ़ गया और सभी सभा को बंद करवाने के लिए आ पहुंचे।

जानकारी मिलते ही भाजपाई भी इकट्ठा हो गए और प्रार्थना सभा स्थल पर पहुंचे। जहां बंद कमरे में प्रार्थना सभा चल रहा था। हंगामा को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गई और तत्काल टीम पहुंची और मामला शांत कराया गया। संबंधित महिला को भी पुलिस प्रशासन द्वारा समझाया गया कि आपको प्रार्थना करनी है तो संबंधित गिरजाघर या जहां भी आपका स्थल होता है वहां करिए।

इस तरह बंद कमरे में लोगों को इकट्ठा करके ना करें। भाजपा नेताओं में पहुंचे अमित चोपड़ा, कमलेश सोनी, सुरेश निर्मलकर आदि ने आरोप लगाया कि उक्त महिला द्वारा पहले भी शिकारीपारा में रहने के दौरान इस तरह का कृत्य किया जा रहा था। अब पाररास में भी यही काम किया जा रहा है। लगभग 6 से 8 महीने से धर्मांतरण की शिकायत बालोद नगर के अलग-अलग क्षेत्र में प्राप्त हो रही है। शासन प्रशासन से ऐसे मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की गई ताकि संस्कृति को चोट पहुंचाने वालों को सबक मिले। वहीं जहां एक ओर देश रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है। तो वहां कुछ ऐसे हिंदू धर्म से ही भटके लोगों द्वारा धर्मांतरण को बढ़ावा देकर सनातन संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिस पर भाजपाइयों ने निंदा की। अमित चोपड़ा ने बताया कि मौके पर बालोद ही नहीं बल्कि कुरूद, धमतरी, दल्ली राजहरा तक के लोग भी पहुंचे हुए थे। शनिवार और रविवार 2 दिन उक्त महिला द्वारा उक्त किराए के मकान में प्रार्थना सभा करवाई जाती थी और इस तरह लोगों को बहला कर धर्मांतरण कराया जा रहा था। जिसका विपरीत प्रभाव कुछ परिवारों पर भी पड़ा। जिससे वार्ड वासी आकर्षित हो गए।












