DARSHAN BALOD NEWS

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विश्व एड्स दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवको और ग्रीन कमाण्डों विरेन्द्र सिंह ने पुराने साड़ियों से बनाया रेड रिबन का मोनो

अर्जुन्दा। शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवको द्वारा 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रेड रिबन क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एड्स जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

उसके पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवको द्वारा विशाल रेड रिबन का मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को एड्स वायरस के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। साथ ही एड्स वायरस से बचाव और सुरक्षा के बारे में जानकारी दिया गया।

एड्स फैलने के ये है प्रमुख कारण

  1. असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने से।
  2. एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने से।
  3. एचआईवी संक्रमित गर्भवती मां से उसके बच्चे को फैलता है।
  4. एक ही शेविंग ब्लेड को एक से अधिक लोगों में उपयोग करने से।

असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून, और नशा से फैलता है एड्स, जागरूकता ही बचाव स्वयंसेवक यशवंत टंडन

राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय पुरस्कृत श्रेष्ठ स्वयंसेवक यशवंत कुमार टंडन ने बताया कि यह रोग असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित मां से गर्भस्थ शिशु को, संक्रमित सिरिज, संक्रमित अंग के दान एवं संक्रमित रक्त से फैलता है इसमें रोगी की प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है एवं रोगी अन्य रोग जैसे बुखार, निमोनिया, डायरिया से लड़ नहीं पाता और धीरे-धीरे मौत भीतर बढ़ता जाता है।

इस की पूरी तरह से नष्ट करने की दवा एवं ठीकर अभी नहीं खोजा जा सका है, परंतु दवाइयों से इससे संक्रमित लोगों को आयु 5 से 10 वर्ष बढ़ सकती है।

ग्रीन कमाण्डों विरेन्द्र सिंह ने कहा कि सही समय पर यदि रोग की पहचान हो जाए तो जिले के सरकारी अस्पताल एवं राज्य शाखा के एआरटी सेंटर से मुफ्त सलाह एवं चिकित्सा सेवा प्राप्त कर सकते हैं। छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि गरीबी एवं शिक्षा के अभाव में देश के सैकड़ों नौजवान इस रोग के संक्रमण में आ जाते हैं। अतः युवाओं में इस रोग की जानकारी ही बचाव का प्रभावी माध्यम है। विश्व एड्स दिवस की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 1 दिसंबर 1988 को की गई।

एड्स के प्रति फैली भ्रांतियों से किया जागरूक

वहीं हाथ मिलाने से गले लगने से छींकने से त्वचा को छूने से यह रोग नहीं फैलता है। मच्छर के काटने से, जुठा खाना खाने से, दूसरे के इस्तेमाल किए गए बर्तनों एवं रक्तदान करने से एड्स नहीं फैलता है।

जागरूकता अभियान में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस एड्स जागरूकता अभियान में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवक प्रणव तिवारी, चेतन सिन्हा सुदर्शन साहू, जीवन भुआर्य, शुभम देशमुख, प्रीति सोनकर ममता साहू रेणुका कांशी रेशमी कुर्रे, रागिनी साहू, गुनिता साहू, दिव्या पटेल खुशबू ठाकुर रुपाली चौधरी, सिम्मी देशमुख दिव्या सिन्हा हेमचंद भारती राजन प्रजापति, व समस्त स्वयंसेवक एवं छात्र छात्राएं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।

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