DAILY BALOD NEWS

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बस्तर का बेटा 22 साल की उम्र में बना जनता का रक्षक, अब बालोद थाना की मिली जिम्मेदारी, टीआई रवि शंकर पांडेय ने बताई अपराधों की रोकथाम को अपनी प्राथमिकता

युवाओं को नशे से दूर रहने और करियर पर ध्यान देने की कही बात,जुआ सट्टा शराब के मामलों में जारी रहेगी कार्रवाई

माधुरी दीपक यादव बालोद। समाजसेवा का जज्बा ऐसा था कि बचपन से ही कुछ बड़ा करने की ठान कर चलते थे और इसी जज्बे से परिश्रम करते रहे और आज उम्र भर भले 32 है लेकिन 22 साल की उम्र से वे पुलिस की भूमिका में है। बात हो रही है बस्तर क्षेत्र के रहने वाले एक शिक्षक के बेटे रवि शंकर पांडेय जो इन दिनों बालोद जिला मुख्यालय के सिटी कोतवाली में थाना प्रभारी के रूप में अपना दायित्व निर्वहन कर रहे हैं। बालोद सिटी कोतवाली में हाल ही में पदस्थ थाना प्रभारी रवि शंकर पांडेय ने आते ही इलाके में अपराधों की रोकथाम के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ, सट्टा को बंद करवाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। लगातार अभियान चलाकर आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत कई आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। कुछ दिन पहले पांच आरोपी जेल गए हैं। वही बालोद जिला मुख्यालय के हिसाब से यहां विशेष तौर से क्राइम कंट्रोल को प्राथमिकता देने की बात वे कहते हैं। Daily Balod News से एक खास बातचीत में उन्होंने अपने थाना क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैधानिक और आसामाजिक कृत्य पर कार्रवाई करने की बात कही। जहां पर भी सूचना मिलती है तत्काल कार्रवाई की बात कही। जुआ, सट्टा, शराब जैसे अपराधों में संलिप्त लोगो और असामाजिक तत्वों पर लगातार वैधानिक कार्रवाई जारी रखने की बात कही। इसके पहले वे मुंगेली, सुकमा और कोंडागांव में भी पदस्थ रहे। वे 2013 बैच के सब इंस्पेक्टर है। काफी कम उम्र (22 साल की उम्र) से इस क्षेत्र में आ चुके हैं। वे मूलतः बस्तर के पास ग्राम घोटिया के रहने वाले हैं। उनके पिता श्रीधर पांडेय टीचर हैं, माता ललिता पांडेय और उनकी पत्नी भी गृहणी हैं। कम उम्र से ही समाज सेवा का जज्बा लिए उन्होंने अपने पढ़ाई और फिटनेस पर ध्यान दिया। पहले वे सीजी पीएससी की तैयारी करते रहे। इस बीच उन्होंने व्यवसायिक परीक्षा मंडल में निकली पुलिस भर्ती में भी ट्राई किया और उनका सब इंस्पेक्टर के रूप में सलेक्शन हो गया। कोंडागांव में प्रभारी के रूप उन्होंने यातायात व्यवस्था की कमान संभाली थी।

जहां “आमचो यातायात चो गोठ” नाम से विशेष अभियान चलाया गया । इस अभियान के दौरान 8400 से अधिक चालान काटने और 1100 लाइसेंस निरस्त करने हेतु परिवहन विभाग को भेजे थे। जिस पर विशेष रूप से उन्हे सम्मानित किया गया। वे साइबर सेल का काम भी विभिन्न जिले में संभाल चुके हैं। हाल ही में हुए बालोद जिले में अर्जुंदा के बड़े ज्वेलरी चोरी के केस को सुलझाने में उनकी भी भूमिका रही। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और करियर पर ध्यान देने की बात कही। कानून के प्रति सजग रहे। यातायात के नियमों का पालन करें। उनका मानना है लगातार परिश्रम करते रहे तो अच्छी सफलता मिल ही जाती है। लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर परिश्रम करते रहें। बालोद थाना क्षेत्र के लोगों और विभिन्न जरियों से वे सामुदायिक पुलिसिंग के लिए प्रोत्साहित करेंगे। वहीं यातायात के साथ ही साइबर क्राइम की रोकथाम को लेकर भी विशेष ध्यान रखेंगे। लगातार उन्होंने बालोद थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, शराब, सट्टा सहित अन्य अपराधों के मामलों में कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही।

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