DAILY BALOD NEWS

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अब अनशन पर बैठे संविदा कर्मी, बोले: न बीमा है , न पेंशन है, दुनिया भर का टेंशन है,,,,,

बालोद। आंदोलन के चतुर्थ दिवस कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण के लिए अनशन कर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा हमेशा की तरह आज भी संविदा कर्मचारियों के साथ छल किया गया। जिले के समस्त संविदा कर्मचारियों द्वारा धरना स्थल नया बस स्टैंड में सांकेतिक रूप से अनशन कर राज्य सरकार को जगाने का प्रयास किया गया , अनशन में प्रमुख रूप से अनूप देशपांडे, उमेश्वरी देशमुख , अंजली साहू , योगेश कुमार साहू, दीपेश योगी अनशन में बैठे थे। राज्य सरकार द्वारा विगत 04 वर्षों से संविदा कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, संविदा कर्मचारियों के मांग पर टालमटोल किया जा रहा है जिसके फलस्वरूप संविदा कर्मचारि हड़ताल एवं आंदोलन के लिये बाध्य हो गए है। प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने बताया कि हड़ताल एवं आंदोलन का प्रमुख कारण है कि सरकार जनघोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी ने संविदा कर्मचारियों से नियमितिकरण का वादा किया था किंतु आज पर्यन्त तक संविदा कर्मचारियों का नियमित रूप से वेतन बढ़ता था वह भी नहीं बढ़ा और कर्मचारियों की बिना भर्ती किए नई नई योजनाओं का संचालन कर काम का बोझ जरूर बड़ गया है।
जिला एवं राज्य स्तर पर संविदा कर्मचारियों ने सरकार को अपनी नियमितिकरण के वादे अनुपूरक बजट में शामिल कर , पूरा करने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं।
हड़ताल से स्वास्थ्य सुविधा और पंचायत स्तर के निर्माण कार्य के साथ अन्य आवश्यक सेवाएं ठप पढ़ गयी है । छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी के मीडिया प्रभारी सूरज ठाकुर द्वारा बताया गया कि हम विगत 4 सालों में सैकड़ों बार आवेदन निवेदन किये है , किंतु सरकार की तरफ से संवादहीनता निरंतर जारी है। कोई भी शासकीय कर्मचारी हड़ताल में जाना नहीं चाहते किंतु हमारी मजबूरी है। मात्र हमारी पीड़ा को दूर करने सरकार के पास निश्चित दिन शेष है किंतु सरकार ध्यान नहीं दे रही। सरकार अपने नियमितिकरण के वादे को लेकर भी अब तक स्पष्ट रुख नहीं दिखाई है , जिसके कारण कर्मचारियों में सरकार के प्रति रोष बढ़ता ही जा रहा है। आंदोलन के माध्यम से सरकार एवम प्रशासन को जगाने का प्रयास किया। उक्त धरना एवम आंदोलन में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, महिला एवम बाल विकास विभाग,प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, क्रेडा, श्रम विभाग , आई. टी. आई., कृषि विभाग, कौशल उन्नयन, एवं जिले समस्त योजना के 550 संविदा कर्मचारी सम्मिलित हुए ।

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