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राष्ट्रीय एकता शिविर पश्चिम बंगाल में गूंजा छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया

बर्दवान विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल में सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर का हुआ आयोजन

अर्जुन्दा।भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय

, 3 चर्च लेन, कोलकाता द्वारा दिनांक 18 फरवरी से 24 फरवरी तक बर्दवान विश्वविद्यालय बर्दवान (पश्चिम बंगाल) में आयोजित किया गया।

जिसमें हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग (छ.ग.) के अन्तर्गत सम्बद्ध शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा में संचालित ईकाई राष्ट्रीय सेवा योजना के सक्रिय स्वयंसेवक यशवंत कुमार टंडन पिता श्री हूबलाल टंडन कक्षा – बी.ए द्वितीय वर्ष अध्ययनरत् छात्र ग्राम – डुड़िया निवासी का चयन बर्दवान विश्वविद्यालय बर्दवान पश्चिम बंगाल में हो रहे राष्ट्रीय एकता शिविर के लिए चयनित किया गया था।

छत्तीसगढ़ राज्य के तीन विश्वविद्यालय ने इस राष्ट्रीय एकता शिविर में हिस्सा लिया। जिसमें पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, इन्दिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग (छ.ग.) से 4 स्वयंसेवकों का चयन किया गया है।

जिसमें 2 स्वयंसेवक व 2 स्वयंसेविका इस राष्ट्रीय एकता शिविर में हिस्सा लिया। और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग सहित अपने महाविद्यालय, बालोद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा 18 फरवरी 2023 से 24 फरवरी 2023 तक आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रीय एकता शिविर वर्धमान विश्वविद्यालय बर्दवान पश्चिम बंगाल में छत्तीसगढ़ टीम के मार्गदर्शक डॉ शशि किरण कुंजूर कार्यक्रम अधिकारी पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ ने किया।

राष्ट्रीय एकता शिविर में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व व नेतृत्व राष्ट्रीय सेवा योजना के सक्रिय स्वयंसेवक यशवंत कुमार टंडन ने किया।
राष्ट्रीय एकता शिविर में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वेशभूषा में सुआ नृत्य, करमा नृत्य, पंथी नृत्य, बस्तरिया नृत्य, राऊत नाचा, राज्य गीत अरपा पैरी के धार, मोर छईहा भुइहां व अन्य सभी राज्य से आए युवा इन छत्तीसगढ़ी गानों पर थिरकने लगे व खूब आनंद लिया।
इस राष्ट्रीय एकता शिविर में देशभर के लगभग 15 राज्य के स्वयंसेवकों उपस्थित रहें। जिनमें लगभग 215 एनएसएस वॉलिंटियर ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के बारे में बहुत सुना है छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया होते हैं।

राष्ट्रीय एकता शिविर में सभी 15 राज्यों के स्वयंसेवकों ने अपने पारंपरिक वेशभूषा में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के दिन आयोजित राष्ट्रीय एकता रैली में अपने राज्य की लोकगीतों पर नाचते गाते हुए अपनी संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। और बैनर पोस्टर के व नारों के माध्यम से अपनी राज्य की संस्कृति को भी खेलने का प्रयास किया।
भारत में विभिन्न विविधताओं वाला देश‌ कहा जाता है जिसमें विभिन्न प्रकार की संस्कृति भाषा रहन-सहन, खानपान, वेशभूषा ,लोक नृत्य होने के बावजूद भी भारत एक है। इसीलिए तो भारत को श्रेष्ठ माना जाता है। इस राष्ट्रीय एकता शिविर का थीम
एक भारत श्रेष्ठ भारत रखा गया था।
अनेकता में एकता भारत की शान है इसलिए तो मेरा भारत देश महान है।

राष्ट्रीय एकता शिविर में 15 राज्यों से संबंधित राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक रचनात्मक गतिविधियों जैसे – लोक- नृत्य और संगीत चित्रकला, हस्तशिल्प और साहित्यिक गतिविधियों से संबंधित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित किया गया। शिविर के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों के अंतर्गत एक भारत श्रेष्ठ भारत, लोकल फाॅर वोकल, स्वच्छ भारत अभियान, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता जैसे विभिन्न विषयों पर प्रश्नोत्तरी/क्वीज, वाद-विवाद, निबंध लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय एकता शिविर में 15 राज्यों के स्वयंसेवक ने लिया हिस्सा

राष्ट्रीय एकता शिविर बर्दवान विश्वविद्यालय बर्दवान पश्चिम बंगाल में 15 राज्यों के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक हिस्सा लिया। जिसमे असम, अरूणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, आंधप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरला, हरियाणा, पश्चिम बंगाल सहित सभी राज्यों के कुल 194 स्वयंसेवक जिसमें 97 छात्र स्वयंसेवक और 97 छात्रा स्वयंसेविका व 13 महिला कार्यक्रम अधिकारी व 8 पुरुष कार्यक्रम अधिकारी मिलाकर कुल सभी राज्यों से 210 प्रतिभागी इस शिविर में हिस्सा लिया।

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