एक गांव ऐसा भी: बर्रापारा संजारी में पूर्वजों की यादें ताजा करने के साथ गांव में आपसी भाईचारा, सामुदायिकता की भावना बढ़ाने का जरिया बना पितृपक्ष
दूसरों से अलग है पितृपक्ष की परंपरा, सुबह चाय, दोपहर और रात में खाने के लिए करते हैं आमंत्रित बालोद- डौंडीलोहारा क्षेत्र के बर्रापारा संजारी में पितृपक्ष का त्यौहार अलग…
