बालोद/डोंगरगढ़। समाज सेवा केवल घोषणा नहीं, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझकर किया गया कार्य होती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बालोद जिले के ग्राम नर्रा निवासी, वर्तमान में भिलाई 3 पदुमनगर में निवासरत समाजसेवी बेनुराम साहू ने एक बार फिर जनसेवा की दिशा में प्रेरक पहल करते हुए डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु कबीर मंदिर के पास वाटर कूलर सादर समर्पित किया।

दिनांक 25 जून 2026 को आयोजित सादे एवं श्रद्धापूर्ण कार्यक्रम के माध्यम से इस सेवा कार्य को जनसमर्पित किया गया। यह पहल विशेष रूप से गर्मी और यात्रा के दौरान आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
सेवा और समाजहित के कार्यों की निरंतर कड़ी
ज्ञात हो कि रेलवे में सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत समाजसेवी बेनुराम साहू अपनी ड्यूटी निभाने के साथ-साथ लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पूर्व में भी वे जनसुविधा, सामाजिक सहयोग और सेवा आधारित गतिविधियों के माध्यम से लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए यह नई पहल श्रद्धालुओं के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बनेगी।
दर्शनार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
डोंगरगढ़ धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में कबीर मंदिर के समीप स्थापित वाटर कूलर यात्रियों और दर्शनार्थियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे कार्य सेवा, संवेदना और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
समाज के लिए प्रेरणा बनने का संदेश
बेनुराम साहू ने कहा कि समाज में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बनते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए योगदान दे, तो सार्वजनिक सुविधाओं को और मजबूत बनाया जा सकता है। वर्तमान में बेनू राम साहू द्वारा पांच अलग अलग जगह पीने के लिए पानी की व्यवस्था किए हुए हैं। गंगा मैया मंदिर झलमला तथा रानी माई मंदिर में वाटर कूलर, सिरसा गेट चौक भिलाई 3 तथा रेलमगर चौक चरोदा में अस्थाई प्याऊ के माध्यम से, और अब डोंगरगढ़ में वाटर कूलर के माध्यम से प्यासे राहगीरों को पानी पिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
यह पहल केवल एक वाटर कूलर की स्थापना नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना का संदेश भी है।












