बालोद/सिकोसा। नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला सिकोसा में दिनांक 24 जून 2026 को प्रवेश उत्सव बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत कर उन्हें शिक्षा के नए सफर की शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत सिकोसा के उपसरपंच संजय बारले ने की, जबकि मुख्य अतिथि दुर्गा शंकर बंजारे रहे। कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति की सदस्य श्रीमती उमा चौरे, श्रीमती डोमेश्वरी साहू, श्रीमती जानकी कन्नौजे, श्रीमती गंगा साहू एवं श्रीमती अन्नू राय की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यालय परिवार की ओर से प्रभारी शिक्षिका श्रीमती भूमिका देवांगन, वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती गीता चंद्राकर, श्रीमती मनीषा पटेल एवं श्री नोमिस साहू कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात कक्षा पहली के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरण किया गया तथा चॉकलेट खिलाकर बच्चों का मुंह मीठा कराया गया।
इस अवसर पर उपसरपंच संजय बारले ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—
“शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जो इसे पीएगा वही दहाड़ेगा।”
उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रवेश उत्सव जैसी पहल अत्यंत सराहनीय है।
कार्यक्रम के दौरान प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में शाला प्रबंधन समिति का गठन किया गया तथा संचालनकर्ता द्वारा नवनिर्वाचित सदस्यों के नामों की घोषणा की गई।
विद्यालय की ओर से बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें केला, बिस्किट, चॉकलेट एवं जलेबी वितरित की गई।
कार्यक्रम के अंत में शाला प्रभारी श्रीमती भूमिका देवांगन ने उपस्थित अतिथियों, पालकों एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सिकोसा से रूपचंद जैन की रिपोर्ट












