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वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को किया नमन, शौर्य दिवस पर रैली, भूमिपूजन और आदिवासी संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

बालोद/डौण्डीलोहारा। वीरता, स्वाभिमान, संघर्ष और समाजिक अस्मिता की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान एवं शौर्य दिवस के अवसर पर बालोद जिले के डौण्डीलोहारा स्थित लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा द्वारा भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के निजी सचिव तुलसी कौशिक, स्थानीय विधायक अनिला भेड़िया, नगर पंचायत अध्यक्ष लाल निवेंद्र सिंह टेकाम सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

रैली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ आयोजन का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत समाज के लोगों द्वारा नगर में भव्य रैली निकालकर की गई। समाज के महिला-पुरुष, युवक-युवतियों एवं बच्चों ने जीवंत झांकियों, पारंपरिक आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया। ढोल-मांदर की गूंज और पारंपरिक लोक संस्कृति ने पूरे नगर में उत्साह और गौरव का वातावरण निर्मित कर दिया।

रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होकर आयोजन स्थल पहुंची, जहां अतिथियों की उपस्थिति में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रस्तावित मूर्ति स्थापना स्थल का भूमिपूजन संपन्न कराया गया।

सामाजिक परंपराओं के साथ हुआ श्रद्धा और सम्मान का प्रदर्शन

भूमिपूजन के पश्चात समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई तथा महापुरुषों के तैलचित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

आयोजन स्थल के प्रवेश द्वार पर सामाजिक जनों ने आगंतुकों का चावल का तिलक लगाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल युवक-युवतियों ने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध पहचान को आकर्षक रूप से प्रस्तुत किया।

जल, जंगल, जमीन और स्वाभिमान की रक्षा का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हम उस वीरांगना को नमन करते हैं जिन्होंने जल, जंगल, जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।

मुख्यमंत्री के निजी सचिव तुलसी कौशिक ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का जीवन साहस, त्याग और संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को अपने अधिकारों, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, संघर्ष और सामाजिक चेतना का जीवंत उदाहरण है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और महान विभूतियों के योगदान से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

समाज के पदाधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अकबर राम कोर्राम, सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश सचिव विनोद नागवंशी, जिलाध्यक्ष प्रेम लाल कुंजाम सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, ग्रामीणजन और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने वीरांगना रानी दुर्गावती के आदर्शों को आगे बढ़ाने तथा समाज में एकता, संस्कृति, स्वाभिमान और जागरूकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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