शासकीय प्राथमिक शाला आलीखूंटा में भूतपूर्व छात्रों की अनुकरणीय पहल बनी प्रेरणा



डीबी डिजिटल मीडिया बालोद।शिक्षा के प्रति समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला आलीखूंटा के भूतपूर्व छात्र लगातार छह वर्षों से बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। भूतपूर्व छात्रों में प्रमुख रूप से लोमस कुमार मनकुपिया, मोहन सिन्हा, डेमेंद्र भूआर्य एवं वेद प्रकाश उर्वशा ने मिलकर हर वर्ष विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई है।

जिसमें सत्र 2020-21 : बच्चों के लिए पेंसिल एवं नोटबुक,
सत्र 2021-22 : अभिव्यक्ति कौशल विकास हेतु साउंड सिस्टम (स्ट्रेंजर बॉक्स), सत्र 2022-23 : जूते-मोजे, टाई-बेल्ट, कलर बुक व पेंसिल,सत्र 2023-24 : जूते-मोजे एवं नोटबुक,
सत्र 2024-25 : जूते-मोजे एवं स्वेटर, अब सत्र 2025-26 में जूते-मोजे, टी-शर्ट एवं लोवर दिए हैं।
इस सतत सहयोग से न केवल विद्यार्थियों को पढ़ाई में सुविधा और प्रोत्साहन मिला है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और विद्यालय में उनकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि यह पहल उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय कर रही है। इस कार्य में सहायक शिक्षक परमानंद साहू ने नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए भूतपूर्व छात्रों से समन्वय कर योजनाबद्ध रूप से इस पहल को मूर्त रूप दिया। अंत में इस प्रकार के सहयोग के लिए संस्था प्रमुख लैलेश्वरी कलियारी ने आभार व्यक्त किया। साथ ही शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष संतोष गुप्ता, ग्राम पटेल विमल किशोर साहू, पालक प्रतिनिधि नंदूराम जमदार, किशोरीलाल उर्वशा एवं सदनू राम भूआर्य ने भी भूतपूर्व छात्रों की सोच एवं कार्यों की सराहना करते हुए आभार प्रकट किया। यह पहल न केवल आलीखूंटा के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी है और संदेश देती है कि “जब पूर्व छात्र अपने विद्यालय से जुड़े रहते हैं, तभी शिक्षा का वास्तविक स्वरूप समाज में उजागर होता है।”

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