बालोद । जिला मुख्यालय बालोद के बुधवार एवं रविवार को लगने वाले बाजार में अव्यवस्थाओं को लेकर आम जनता एवं वार्डवासियों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है । कुछ दिन व्यवस्था चलने के बाद फिर से अव्यवस्था का आलम बन जाता है। इन्ही समस्याओं को लेकर मंगलवार को बुधवारी बाजार व्यापारी संघ के प्रतिनिधि मंडल वरिष्ठ पार्षद कमलेश सोनी, शहर मंडल अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर की अगुवाई में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस देवांश सिंह राठौर से मिलकर चर्चा की गई। जिसमें व्यापारियों ने बताया कि बाजार में तीतर बितर अव्यवस्थित पसरा ठेला आदि लगाने वालों को व्यवस्थित किया जाए ताकि बाजार में आने जाने में कोई दिक्कत आम नागरिक को ना हो। बाजार के दिनों में कड़ाई से दो पहिया वाहनों एवं साइकल को बाजार के अंदर लाने वालो को समझाइश देने एवं पालिका प्रशासन से सहयोग लेकर पसरा लगाने वालों को सड़क छोड़कर पसरा एवं ठेला लगाने की बात कही। वहीं वरिष्ठ पार्षद कमलेश सोनी ने पुलिस को बताया कि बुधवार एवं रविवार के दिन मुख्य बाजार चौक, गांधी भवन के सामने बेरिकेटिंग एवं पुलिस तैनात करने का निवेदन करते हुए कहा कि इन दिनों में बाजार लगने के कारण सड़क में जगह नही रहता। पाण्डेपारा एवं टिकरापारा में अगर एम्बुलेंस या अग्निशमन की जरूरत पड़ जाए तो उनका जाना मुश्किल हो जाता है। ऐसी आपात स्थिति को ध्यान में रखकर बाजार के व्यवस्थापन की मांग वर्षो से की जा रही है। जो जायज है। पालिका द्वारा निर्मित चबूतरे में सब्जी पसरा लगवाई जाए एवं चबूतरों को कब्जा किये कब्जाधारियों को हटाया जाए। इस पर पुलिस अधिकारी ने अपनी सहमति देते हुए जल्द ही पालिका प्रशासन एवं उच्चाधिकारियों से चर्चा कर जल्द ही समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया एवं उन्होंने सभी व्यापारियों को दुकान सीमा के अंदर ही अपने सामान निकालने, दुकानों के बाहर सीसी टीवी कैमरा लगाने तथा साफ सफाई का ध्यान रखने की बात कही। जिस पर व्यापारियों ने अपनी सहमति प्रदान कर शासन प्रशासन को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर व्यापारी संघ के वरिष्ठ सदस्य हसमुख भाई पटेल, प्रेमचंद क्षीरसागर, पूर्व एल्डरमेन विनोद जैन मोनू, पंकज वाधवानी, कैलाश परचानी चिंटू परचानी, हरीश दुबे, खिलेश देवांगन, शरद गुप्ता , रौशन जैन सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
बुधवारी बाजार के व्यवस्थापन को लेकर फिर सजग हुए व्यापारी, पुलिस से मांगा सहयोग, भीड़ ऐसी कि गली में एंबुलेंस भी नहीं जा पाती
