नाबालिग के साथ शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने पर आरोपी को मिला 20 वर्ष का कारावास



बालोद|   किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी बादशाह खान उर्फ सैफ खान  उम्र 28 वर्ष, निवासी भिलाई, जिला दुर्ग, हाल मुकाम- कोण्डे पावर हाउस वार्ड क्र. 17 राजहरा, थाना-राजहरा, जिला-बालोद  को धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपये,  अर्थदंड, धारा 366 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रुपये अर्थदंड,  धारा 342 के आरोप में एक वर्ष का सश्रम कारावास तथा लैंगिक अपराध की धारा 6 के आरोप में बीस वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर एक-एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण सी.एल. साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार- दिनांक 13 फ़रवरी 2022 को पीड़िता की माता थाना राजहरा में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिग पुत्री/पीड़िता दिनांक 10 फ़रवरी को घर से अपने बुआ के साथ शादी में ग्राम-कोकन जा रही हूँ कहकर शाम करीबन 4 बजे निकली थी, जो अब तक वापस नहीं आयी है, जिसका आसपास व रिश्तेदारों एवं सहेलियों से पता-तलाश किये किंतु कहीं पता नहीं चला। कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी पुत्री/पीड़िता को नाबालिग होना जानते हुए बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। प्रार्थिया/पीड़िता की माता के उपरोक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर थाना-राजहरा में गुम इंसान दर्ज कर पता तलाश में लिया गया तथा अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध धारा 363 का अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अपहृत नाबालिग पीड़िता के घर आने पर प्रार्थिया के द्वारा थाना लाकर पेश करने पर बरामदगी कर पूछताछ करने पर पीड़िता बतायी कि आरोपी के द्वारा शादी का प्रलोभन देकर भगाकर रायपुर ले जाकर कमरा में बंद कर शारीरिक संबंध बनाया। पीड़िता के विस्तृत कथन के आधार पर एवं सम्पूर्ण विवेचना के पश्चात् अभियुक्त के विरूद्ध पीड़िता के साथ बलात्कार की घटना कारित किया जाना पाये जाने पर थाना राजहरा के द्वारा आरोपी के विरूद्ध 363, 366, 376, 342 भारतीय दण्ड संहिता एवं लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5 (ठ)/6 तथा 3(2) (V) St./Sc Act के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में लिया गया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना स.उ.नि. लता तिवारी, स.उ.नि. धरम भुआर्य, सेवानिवृत्त नगर पुलिस अधीक्षक अब्दुल अलीम खान द्वारा किया  गया था । न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दंड से  दण्डित किया गया।

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