DAILY BALOD NEWS

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अच्छी पहल: मरदेल की शिक्षिका मोना रावत ने शुरू की जिले में “न्योता भोज” की शुरुआत, अपनी बेटी के जन्मदिन पर स्कूल में बनवाया खास पकवान

बालोद/डौंडी। प्रधानमंत्री पोषण निर्माण योजना यानी मिड डे मील के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार न्योता भोज का शुभारंभ डौंडी के वनांचल से घिरे ग्राम मरदेल के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला की शिक्षिका मोना रावत ने अपने बिटिया रानी डिनल रावत के जन्म दिन पर बच्चों के साथ मनाया।

इस कार्यक्रम की शुरुवात मां शारदे की छायाचित्र पर पूजा अर्चना व श्रीफल चढ़कर किया गया।

न्योता भोज कार्यक्रम में आये अतिथियों का आशीर्वाद लेकर बच्चों के बीच बिटिया को केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षिका ने स्वयं सभी बच्चों और शाला में आये अतिथियों को भोजन के लिए बैठाया और भोजन परोसा।भोजन में विशेष चावल, दाल, सब्जी,हलवा और पूडी बनाया गया तथा अंत में सभी को केक व नारियल प्रसाद स्वरूप खिलाया गया। इस कार्यक्रम में शाला के प्रधान पाठक के के सोनवानी, शिक्षक नुरेटी, जनपद सदस्य श्रीमती रमिता मरकाम, सरपंच हिरदेराम क्वाची, अधीक्षक श्री यादव, प्राथमिक शाला के शिक्षक, पंच, मितानिन, शाला समिति, महिला स्व सहायता समूह एवं नगरीकरण उपस्थित थे।

क्या है योजना

बता दें कि छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को अब मिड डे मील में दाल चावल के साथ ही स्वादिष्ट भोज भी खाने को मिलेगा. सरकार ने स्कूलों में ‘न्योता भोजन’ की शुरुआत की है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति, संगठन या फिर समाज के लोग सरकारी स्कूलों में भोज दे सकेंगे. न्योता भोजन का उद्देश्य भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि, समुदाय के बीच अपनेपन की भावना विकसित करना है। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले खाने को सामुदायिक भागीदारी के जरिए और ज्यादा पोषक बनाने की पहल है. यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है. कोई भी व्यक्ति, समुदाय के लोग अथवा सामाजिक संगठन किसी भी खास अवसर पर या स्वेच्छा से सरकारी स्कूलों में भोज का आयोजन कर सकता है. इसके अलावा खाद्य सामग्री की योगदान भी कर सकता है. न्योता भोजन, स्कूल में दिए जाने वाले मिड डे मील का विकल्प नहीं होगा बल्कि यह इसके अतिरिक्त होगा.

जन्मदिन सहित खास मौकों पर स्कूलों में न्योता भोजन दे सकते हैं

न्योता भोजन की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है. त्यौहारों या अवसरों जैसे एनीवर्सरी, जन्मदिन, शादी और राष्ट्रीय पर्व पर इसका आयोजन किया जा सकता है. ऐसे दिनों में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन खिलाया जा सकता है. इसके तहत समुदाय के सदस्य किचन के बर्तन भी उपलब्ध करा सकते हैं.दान दाताओं को प्रोत्साहित करने के लिये उन्हें शाला की प्रार्थना सभा या एनवल फंक्शन में सम्मानित किया जा सकता है. न्योता भोजन के दिन दानदाता को स्कूल में आमंत्रित कर इसकी घोषणा भी की जा सकती है.

बच्चों को खिलाने वाला न्योता भोजन उस क्षेत्र के खान-पान की आदत (फुड हैबिट) के अनुसार होगा. फल, दूध, मिठाई, बिस्किट्स, हलवा, चिक्की, अंकुरित खाद्य पदार्थ दे सकते हैं. न्योता भोजन के लिए कैश या चैक नहीं लिया जाएगा।

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