हसदेव बचाओ रैली में राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे लोगों को पुलिस प्रशासन ने रोका था बलपूर्वक, जांच में पहुंची JNU दिल्ली के छात्रों की टीम



बालोद। जवाहरलाल लाल यूनिवर्सिटी (JNU) के छात्रों की चार सदस्यीय टीम फैक फेंडिंग (जांच कमेटी) बन कर दो दिनों के लिए जन मुक्ति मोर्चा दल्ली राजहरा के कार्यालय पहुंचे।

जिसमे जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ का दिनाँक 12/01/24 के किये गए आंदोलन हसदेव बचाओ पद यात्रा दल्ली राजहरा से राजधानी रायपुर जा रही थी

और रायपुर पहुंच कर महामहिम राज्यपाल जी को ज्ञापन सौप कर अपनी बात रखने जा रहे थे। जिसको स्थानिय प्रशासन द्वारा दबाव पूर्वक (गुमराह) कर के रोक दिया गया। जिसकी जमीनी जानकारी एकत्रित करने यह टीम दल्ली राजहरा आये थे।

जिसमें विशेष रूप से जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों से चर्चा, श्रीमती आशागुहा नियोगी, डॉ शैबाल जाना, डॉ पवित्र कुमार गुहा, व सर्व आदिवासी समाज के साथियो से चर्चा किये।

12 जनवरी को जन मुक्ति मोर्चा के पद यात्रा को प्रशासन ने बलपूर्वक रोका था

12/01/2024 को जन मुक्ति मोर्चा के द्वारा छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल की कटाई को रोकने व हसदेव जंगल के जंगली जीव जंतु को बेघर करने और वहां के आदिवासियों को विस्थापन करने के खिलाफ जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा दल्ली राजहरा से राजधानी रायपुर तक लगभग 500 से 600 की संख्या में पदयात्रा कर महामहिम राज्यपाल जी को ज्ञापन सौपन कर अपनी बात रखने जा रहे थे, लेकिन स्थानीय जिला प्रशासन जिला बालोद व स्थानीय दल्ली राजहरा प्रशासन द्वारा नहीं चाहती कि आदिवासी समाज आम जनता की आवाज रायपुर तक पहुंचे इसीलिए जन मुक्ति मोर्चा के पदयात्रा आरंभ होने के पहले दल्ली राजहरा में राशन सामान (भोजन सामग्री) को नहीं ले जाने की जिद पर अडे थे। लेकिन आंदोलनकारी जन मुक्ति मोर्चा द्वारा राशन सामान को साथ में ले जाने की जीद पर अड़े रहे। राशन सामान नहीं जाने देंगे तो कारण बताओ हम राशन सामान को लेकर जाएंगे आपको गिरफ्तार करना है तो करो सामान को जब्ती बनाना है तो बनाओ हम रैली पदयात्रा आरंभ कर रहे हैं और रैली पदयात्रा चालू किया गया था। पदयात्रा को एक झुंड के रूप में शहीद स्मारक शहीद चौक दल्ली राजहरा पहुंचाकर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर रैली को आरंभ किया गया । जिसमें मुख्य रूप से श्रीमती आशा गुहा नियोगी, डॉ पवित्र कुमार गुहा, गुहा मैडम (गुहा हॉस्पिटल), राजेंद्र उसारे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी अपने साथी के साथ सामिल हुए व जन मुक्ति मोर्चा के सैकड़ो कार्यकर्ता की उपस्थिति में पदयात्रा को लगभग 12:00 बजे आरंभ किया गया था। पदयात्रा शहीद वीर नारायण सिंह चौक से होते हुए गुप्ता चौक पहुंची जहां सर्व आदिवासी समाज दल्ली राजहरा के युवा साथियो ने स्वागत कर पदयात्रा में सम्मीलित हुए जिसमे दीपक सहारे (जिला अध्यक्ष), ऋषिकेश ठाकुर, भूषण मंडावी, शेखर नेताम, आरती सोरी, सोमिया कोलमें, उषा मण्डावी, राजीव कोलामे भारती कंवर गुप्ता संजीवनी अस्पताल के पास संजीवनी अस्पताल के संचालक डॉ राजीव लोचन भी पदयात्रा का हिस्सा बने और पदयात्रा को आगे बढ़ाए थे। अरमुरकसा के पास पुलिस प्रशासन द्वारा रैली को एक बार फिर बल पूर्वक रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के हौसलों के आगे प्रशासन की एक नही चली और पदयात्रा आगे बढ़ी फिर कुसुमकसा में आदिवासी नेता रत्तीराम कोसमा भी पहुंचे थे।और पद यात्रा का हिस्सा बने और कुसुमकसा के आगे करियाटोला के पुल के पास भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर पूरे रोड़ में बेरिगेट लगा कर रोड को पुलिस प्रशासन द्वारा बंद कर दिया गया था। प्रशासन यह कह कर की आप को आगे जाने की अनुमति हम नही दे सकते जबकि जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ ने दिनाँक 08/01/24 को जिला कलेक्टर को दिनाँक 12/01/24 को जिला कलेक्टर दुर्ग व जिला कलेक्टर रायपुर को अपना अनुमति पत्र दिया गया था जिसका रिसिप्ट भी था लेकिन प्रशासन द्वारा पदयात्रा को रोकने की नियत गुमराह करने लगें जंहा जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ और पुलिस प्रशासन के बीच नोक झोंक भी हुई और आंदोलनकारियो द्वारा आगे बढ़ने का प्रयाश भी किया गया लेकिन पुलिसकर्मियों द्वारा आगे बढ़ने नही दिया गया था। जिससे वही धरने पर जन मुक्ति मोर्चा के साथियों द्वारा बैठा गया था लगभग एक घण्टे के बाद जन मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियो द्वारा आंदोलन को स्थगित किया गया था।

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