बालोद।
छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अधीनस्थ स्थापनाओं में अनुवादक के 01, वाहन चालक के 01 भृत्य के 30 रिक्त पदों की भर्ती हेतु जारी विज्ञापन एवं प्राप्त आवेदनों के परिप्रेक्ष्य में चयन समिति के द्वारा आवेदनों की संवीक्षा उपरांत पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर वेबसाईट सीजीएसएलएसए डाॅट जीओवी डाॅट इन पर अपलोड कराई गई। अनुवादक एवं वाहन चालक के अपात्र अभ्यर्थी 17 जनवरी 2024 की अवधि में दावा आपत्ति प्राधिकरण के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकेंगे।
प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं चयन समिति के अध्यक्ष श्री आनंद प्रकाश वारियाल ने बताया कि विभिन्न रिक्त पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया जाकर अर्हताधारी अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये थे। अभ्यर्थी छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाईट सीजीएसएलएसए डाॅट जीओवी डाॅट इन पर अपलोड सूची का अवलोकन कर सकते हैं। अपात्र पाये गये अभ्यर्थीगण सूची के अंतिम रिमार्क काॅलम में दर्शित किये गये कारणों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण/मूल दस्तावेज एवं उसकी सत्यापित छायाप्रतियां या आपत्ति के निराकरण हेतु छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पुराना उच्च न्यायालय भवन, बिलासपुर के समक्ष 17 जनवरी 2024 तक की अवधि मंे कार्यालयीन समय पर स्वतः उपस्थित होकर दावा आपत्ति प्रस्तुत करते हुए निराकरण करा सकते हैं। यदि अपात्र अभ्यर्थी उपरोक्त निर्धारित अवधि में उपस्थित नहीं होते हैं, तो यह माना जावेगा कि उनके पास रिमार्क काॅलम में दर्शित कारण, दस्तावेज/प्रमाण पत्र का अभाव है, और उस अभ्यर्थी को आगामी परीक्षा हेतु अपात्र मानते हुए परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जावेगी। इसके अतिरिक्त अनुवादक एवं वाहन चालक हेतु जिन अभ्यर्थियों को पात्र होना इस स्तर तक पाया गया है। उन्हें आयोजित आगामी परीक्षा में बैठने की अनुमति प्राविधिक तौर पर इस निर्देश के साथ दिया जाना उपयुक्त पाया गया है कि अंतिम चयन के पूर्व विज्ञापन में उल्लेखित निर्धारित अर्हता का यदि वे अभाव रखते हैं तो उन्हें चयनित नहीं किया जाएगा। सदस्य सचिव श्री वारियाल ने यह भी बताया कि भृत्य/आदेशिका वाहक के कुल 30 पदों के परिप्रेक्ष्य में अधिकांश अपात्र पाए गए अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने अपना फोटो या दस्तोवज अथवा फोटो और दस्तावेज दोनों को स्वअभिप्रमाणित नहीं किये या कोई अन्य कारण भी हैं। ऐसे में भृत्य पद के सभी पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों को इस निर्देश के साथ आगामी आयोजित होने वाली परीक्षा में बैठने की अनुमति दिया जाना उपयुक्त पाया गया है कि वे अंतिम चयन के पूर्व रिमार्क काॅलम में दर्शित कारण के त्रुटि/अभाव का निराकरण करेंगे, और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें अपात्र मानते हुए उनका अंतिम चयन नहीं किया जावेगा।
