बालोद। कांग्रेस की हार पर विभिन्न कर्मचारी संगठन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. जिसमें कहा जा रहा है कि कांग्रेस की हार में स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य कई विभाग के कर्मचारियों का अहम् रोल रहा. जो कांग्रेस के शासन काल से नाखुश और शोषित रहें हैं. इसी क्रम में स्वास्थ्य एवं बहुद्देश्यीय कर्मचारी संघ बालोद के जिलाध्यक्ष घनश्याम पुरी ने बताया कि कांग्रेस शासन में कर्मचारियों का शोषण होता रहा है। चाहे आप कोरोना काल के समय मे अपने जान को जोखिम में डाल कर जन मानस की सेवा की उन स्वास्थ्य कर्मियो को न कोरोना भत्ता मिला न ही किसी प्रकार का सुविधायें उपलब्ध कराई गई। कर्मचारियों को जो वादा किया गया वो कांग्रेस सरकार पूरा न कर सकी और न ही समय पर डी ए और डी ए का एरियस मिला। इतिहास में पहली बार कांग्रेस की सरकार में कर्मचारियों को अपने मौलिक अधिकार महंगाई भत्ता के लिए हड़ताल में बैठना पड़ा और स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों को न नियमित किया गया। उल्टा उनके ऊपर कार्यवाही कर उनको नौकरी से निकाल दिया गया। कांग्रेस सरकार ने जो नियमितिकरण का जो वादा गंगा जल हाथ मे लेकर सौगंध ली और पुरा करने में असमर्थ रहे जिससे स्वास्थ्य कर्मचारी पुरी तरीके से नाखुश रहे और तो और 27%वेतन बढ़ाने की घोषणा करने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों को नही मिला। इसी कारण कांग्रेस सरकार को हार का सामना करना पड़ा।
छत्तीसगढ़ से कांग्रेस को हटाने में स्वास्थ्य सहित कई विभाग के कर्मचारियों का रहा रोल
