बालोद/ गुरुर। छत्तीसगढ़ शासन की बेरोजगारी भत्ते देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन इस की पात्रता की श्रेणी इतनी अद्भुत है कि बेरोजगार होते हुए भी भाइयों बहनों को अपने बेरोजगारी का सबूत कई क्राइटेरिया में देना पड़ेगा एक तरफ तो यह सरकार कोई भी सरकारी नौकरी का वैकेंसी नहीं खोल रही है छत्तीसगढ़ में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 19 लाख है यह सरकार जब घोषणा पत्र लाई थी तो उन्होंने यह नहीं कहा था कि कुछ बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा इन्होंने यह वादा सभी बेरोजगारों के लिए कहा था लेकिन यह सरकार जब सत्ता में आए तो पिछले 4 सालों तक इन्होंने बेरोजगार भाइयों की कोई सुध ही नहीं ली इन बेरोजगार भाइयों ने अपने हक मांगने के लिए आवाज उठाई तब इन्होंने नाम मात्र बेरोजगारी भत्ता देने के लिए घोषणा कियामैं छत्तीसगढ़ सरकार से यही कहना चाहती हूं कि छत्तीसगढ़ में जितने भी पंजीकृत बेरोजगार है सभी को बेरोजगारी भत्ता मिलना चाहिए एवं पिछले 4 साल तक का भी उनको बेरोजगारी भत्ता मिलना चाहिए नहीं तो बेरोजगार भाइयों के साथ छल होगाआगामी विधानसभा चुनाव में बता देंगे कि बेरोजगारो को छलना कितना महंगा पड़ सकता है।
बेरोजगारों के साथ हो रहा छल: – संध्या अजेंद्र साहू
