DAILY BALOD NEWS

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मिथिलेश देशमुख की किताब में है जीवन मूल्यों के सूत्र

बालोद। मेकान रांची में डायरेक्टर रहे ग्राम सुंदरा जिला बालोद निवासी मैकनिकल इंजीनियर मिथलेश देशमुख की किताब काव्य मंजरी ,कथा संक्षेप में संकलित है उदात्त मानवीय जीवन मूल्यों के सूत्र ।श्री देशमुख बहुआयामी व्यक्तित्व के शिखर पुरुष है। वे विज्ञान ,धर्म ,अध्यात्म और संस्कृति के साथ साथ मानवीय लोक जीवन और प्रबल राष्ट्रीयता को अपने काव्य मंजरी में लेकर उपस्थित होते हैं। जीवन मूल्यों से लबरेज उनकी संकलित रचनाएं आठ खंडों में विभक्त है। ये आठ खंडों में विभक्त रचनाएं उनके विद्यार्थी जीवन से लेकर अब तक की साहित्य साधना का बेजोड़ और कालजयी संस्करण है। वे अपने साहित्य साधना की वैचारिकी को लोकमानस के लिए समर्पित करते हुए कहते हैं कि आगामी पीढ़ी इसे आत्मसात कर शिक्षा और संस्कृति में अभिनव जागरण ला सकते हैं। उल्लेखनीय तथ्य है कि देशमुख को काव्य मंजरी और कथा संक्षेप आद्योपांत कंठस्थ है ।ये अपने आप में एक अद्भुत और बेजोड़ है ।वे अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत के साथ-साथ अन्य भाषाओं के अध्येता है। उनके वैचारिणी के प्रथम खंड में बाल गीत ,जिसमें बाल मनोविज्ञान को प्रकृति के साथ यथेष्ट मानवीकरण का सुंदर और भावपूर्ण समावेश है। द्वितीय खंड में आधुनिक हिंदी कवियों की श्रेष्ठतम रचनाएं जिसके मनुष्यता के साथ जीवन और जगत को विश्लेषित किया है। खंड तीन प्राचीन कवियों की रचनाएं जिसमें वीर रस की रचनाएं समाविष्ट है ।खंड चार में संस्कृत के मूल्यपरक श्लोक और सुभाषितानि है ।पांचवे खंड में अंग्रेजी साहित्य के श्रेष्ठतम कवियों की मानवीय मूल्यों से लवरेज उदात्त रचनाएं संकलित है जो प्रकृति के साथ मानवीकरण का सुंदर समन्वय है जो जीवन को विश्लेशित करते हैं। खंड छ: में कथा साहित्य है जो लोकजीवन को प्रेरक बनाते हैं ।खंड सात एवं आठ में भारतीय दर्शन के प्रख्यात समावेशी चिंतक सी राजगोपालाचारी द्वारा प्रतिपादित श्री रामचरितमानस और महाभारत का प्रमुख मानवीय प्रसंगों का रेखांकन है जिसमें प्राचीन और अर्वाचीन जीवन मूल्यों का विश्लेषण है ।छोटे-छोटे भाव प्रवण दृष्टांत और सूक्तियों में जीवन मर्म समाहित है। किताब प्रकाशन उनके अनुज इंजीनियर उबेद देशमुख ने कर भातृत्व प्रेम का अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिले के वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश देशमुख ने काव्य मंजरी कथा संक्षेप को विश्लेषित करते हुए लिखते हैं कि मिथिलेश देशमुख की रचना धर्मिता में जीवन मूल्यों के अप्रतिम सूत्र सन्निहित हैं ।

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