बालोद। प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं सामुदायिक भागीदारी के सफल मॉडलों को समझने के उद्देश्य से देश के विभिन्न राज्यों से आए गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधियों ने बालोद जिले के कमकापार, टेकापार, हितापठार एवं पीडियाल में संचालित जलग्रहण परियोजना का अध्ययन भ्रमण किया। यह भ्रमण फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के मार्गदर्शन तथा प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी सतीश शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। परियोजना का संचालन सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट (SIRD) द्वारा नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से किया जा रहा है।
सामुदायिक वन प्रबंधन और जलग्रहण कार्यों का किया अध्ययन
एसआईआरडी के सचिव एस.के. खरे ने बताया कि भ्रमण का मुख्य उद्देश्य ग्राम मुड़पार में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के अंतर्गत प्राप्त वन क्षेत्र के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अध्ययन करना तथा स्थानीय समुदाय की प्रबंधन क्षमता को समझना था। साथ ही कमकापार-टेकापार एवं हितापठार-पीडियाल जलग्रहण क्षेत्रों में किए जा रहे प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों और उनके प्रभावों का भी अवलोकन किया गया।
महिला समूहों की आजीविका गतिविधियों को सराहा
अध्ययन भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने स्व-सहायता समूहों (SHGs) द्वारा संचालित वनोपज आधारित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान धन धान्य महिला एफपीओ द्वारा तैयार किए जा रहे सीडलेस इमली ब्रिक, आम एवं कटहल के अचार तथा कोदो मिलेट के प्रसंस्करण और विपणन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रतिनिधियों और ग्रामीण उद्यमियों के बीच लघु वनोपज आधारित उत्पादों के विपणन में आने वाली चुनौतियों एवं संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, आजीविका संवर्धन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
देश के कई राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि
अध्ययन भ्रमण में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आए विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संयोजन मंजीत कौर बल एवं उपेन्द्र साहू ने किया। वहीं संस्था की ओर से सतेन्द्र सिन्हा, रोशन भूआर्य, ललित सलामे, प्रतिमा साहू एवं सौरभ दास ने कार्यक्रम के सफल समन्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।












