बालोद। महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बालिकाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान में बालोद जिले ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले ने 46 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज प्राप्त करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
स्वास्थ्य अमले की मेहनत लाई रंग
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान संचालित किया।
स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर पालकों को जागरूक किया। वहीं विद्यालयों में विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित कर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया गया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप बालोद प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में शामिल हुआ।
क्या है HPV टीका और क्यों है जरूरी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को समय पर HPV का टीका लगाए जाने से भविष्य में इस गंभीर बीमारी से प्रभावी सुरक्षा मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टीका सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और प्रभावी है।
पालकों और स्कूलों के सहयोग से मिली सफलता
स्वास्थ्य विभाग ने इस उपलब्धि का श्रेय जागरूक पालकों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा स्वास्थ्य अमले को दिया है। विभाग का कहना है कि समाज के सहयोग और जनजागरूकता के कारण अभियान को व्यापक सफलता मिली है।
अब 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि 46 प्रतिशत कवरेज जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन अभियान अभी जारी है। माइक्रो प्लानिंग के माध्यम से शेष पात्र बालिकाओं तक पहुंचकर उनका भी टीकाकरण कराया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य जल्द से जल्द 100 प्रतिशत HPV टीकाकरण सुनिश्चित कर बालोद को प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल करना है।












