जोहार कला महोत्सव में खोवा लाल बिसेन ने किया काव्यपाठ



कांकेर– जोहार आदिवासी कला मंच के बैनर तले जोहार कला महोत्सव का आयोजन 14 दिसंबर रविवार को गोंडवाना भवन, भीरावाही, कांकेर में किया गया। इस अवसर पर युवा कवि खोवा लाल बिसेन ने काव्यपाठ किया, जिसका विषय “आरूग आदिवासी” था। उन्होंने हास्य के माध्यम से भी दर्शकों को आकर्षित किया। इस कार्यक्रम में कला के विभिन्न विधाओं जैसे काव्यपाठ, गायन, वादन, नृत्यकला, चित्रकला, मूर्ति कला, रंगोली कला, सूक्ष्म कला, पत्तीकला, कलगी कला, धान कला, पाक कला, गेड़ी नृत्य, मांदरी नृत्य, सरहुल नृत्य, कोलांग नृत्य और धनकुल गीत के अलावा विभिन्न प्रकार के गीत नृत्य की प्रस्तुति हुई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के साथ पूरे छत्तीसगढ़ से 350 से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुति दी। जोहार आदिवासी कला मंच छत्तीसगढ़ सभी आदिवासी कलाकारों को मंच देने के साथ कला संस्कृति को संरक्षित करने का काम कर रहा है। इस कार्यक्रम में संरक्षक ईश्वर मंडावी, अध्यक्ष पूरनमल ध्रुव, उपाध्यक्ष अनिल सलाम, महासचिव तरकेश मरकाम, सह सचिव जीतेंद्र नेताम, सचिव शंकर छेदईहा, कोषाध्यक्ष कमलेश मांझी, मीडिया प्रभारी लव कुमार मांझी, प्रवक्ता डॉ जैनेन्द्र कुमार शांडिल्य मौजूद थे।

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