
बालोद| सन् 1860 में अंग्रेजों के द्वारा अपने आदेशों का पालन कराने के उद्देश्य से जो कानून निर्माण किया गया था। उसको हटाकर अब भारत में नवीन कानून लागू किया जा रहा है। जिसको लेकर थाना अर्जुंदा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें विधायक कुंवर सिंह निषाद भी सम्मिलित हुए। थाना प्रभारी मनीष शेन्डे के द्वारा पुराना कानून एवं नवीन कानन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दिया गया. जिसमें सर्वप्रथम महिला अपराध के संबंध में सभी जानकारी दिया गया कि किस प्रकार पहले के और वर्तमान के नवीन कानून में महिलाओं के संबंध में किए जाने वाले अपराध पर सजा मिल सकती है. उनके द्वारा बताया गया कि अगर महिलाओं संबंधी अपराध कहीं गंभीर है तो उस पर आजीवन कारावास या मृत्यु होने तक जेल में रहने की सजा है । इसके अलावा सभी पुरानी धाराओं को बदलकर नई धारा लागू किया गया है। साथ ही नवीन कानून में आने वाली सभी विषय के ऊपर भी सबका ध्यान आकर्षित किया गया. जिसमें इसमें उन्होंने बताया कि नवीन कानून भारतीय चिंतन पर आधारित न्याय प्रणाली है। नागरिक केन्द्रित कानून है, भारतीय न्याय संहिता 2023 BNS , भारतीय नागरिक संहिता 2023 BNSS, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 BSA ,महिलाएं और बच्चे संबंधी अपराध, न्याय प्रणाली में प्रौद्योगिकी का समावेश, पीड़ित केन्द्रित दृष्टिकोण, अपराध एवं दंड को पुनर्परिभाषित किया गया है.समय पर और शीघ्र न्याय, आपराधिक न्याय प्रणाली में परिवर्तन, इसके अलावा ई अपराध पंजीयन के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दिए. जिसमें उन्होंने बताया कि आप कहीं से भी या अपने मोबाइल से अपराध पंजीबद्ध कर सकते हैं जो कि शून्य होगा. ठीक उसके पश्चात पुलिस द्वारा उसमें जांच कर अपराध कायम किया जाएगा। साथ ही उनके द्वारा उपस्थित अतिथिगण एवं नागरिकों से आग्रह किया कि अपराध के प्रति जागरूक रहें। कार्यशाला में नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रहास देवांगन, नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुषमा चद्राकर , तहसीलदार प्रीतम साहू , जीतू विश्वास गुप्ता, मोहित मेश्राम, सरपंच मंगल साहू, सरपंच संतोषी सिन्हा, सरपंच अहिल्या चुरेंद्र, ललिता भुआर्य, कमलेश्वरी यादव, हिरमौतीन बघेल, अंजू पटिल, सुशीला देवांगन, अंगद देवदास, एवं आसपास के बहुत से नागरिकगण व ग्राम कोतवाल गण उपस्थित रहे।
