गुरुर। विकासखंड गुरुर के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय एफ एल एन प्रशिक्षण के द्वितीय चरण का आयोजन 19 से 22 जून तक किया जा रहा है। जिनका शुभारंभ विकासखंड शिक्षा अधिकारी ललित कुमार चंद्राकर एवं बीआरसीसी चन्द्रभान सिंह निर्मलकर द्वारा मां सरस्वती के तैलीय चित्र की पूजा अर्चन वंदन एवं राष्ट्रगान के साथ प्रारंभ किया गया।

प्रशिक्षण शुभारंभ के अवसर पर बीआरसीसी ने शिक्षकों पर ऊर्जा भरते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण केवल आप लोगों का नहीं अभी तो यह भारत के भविष्य में ऐसे कुशलता का प्रतिपादन करना है जिससे कि बच्चे की समझ के साथ पढ़ने के अलावा ऐसी कुशलता का विकास हो। जिससे कि बच्चा किसी भी क्षेत्र में अपने अलग पहचान बना सके। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में डीआरजी द्वारा सभी प्रशिक्षार्थियों को मौखिक भाषा विकास के अंतर्गत डिकोडिंग पठन, लेखन, भाषा के अभ्यास पुस्तिका, पाठ्य पुस्तक शिक्षक संदर्शिका का उपयोग करने की रणनीतियां बताई गई। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले का औचक निरीक्षण भी हुआ। उन्होंने सभी प्रशिक्षार्थी को संबोधित करते हुए कहा कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान एफएलएन अंतर्गत गतिविधियों पर उत्कृष्ट प्रश्न किया जिनमें असर, नास, क्या है इसके बारे में चर्चा किया। साथ ही सभी अधिगम दक्षता, लर्निग आऊटक्रम बहूभाषा – बहूकक्षा शिक्षण, कुशल समय प्रबंधन पर प्रशिक्षार्थी ने बड़े ही उत्कृष्ट भाव से संतुष्टिप्रद उत्तर दिया। जिससे जिला शिक्षा अधिकारी प्रसन्न हुए और शाबासी दिए। डीएमसी अनुराग त्रिवेदी ने पंजीयों का संधारण रखरखाव, डेली डायरी केसबुक, पीएफएमएस का उपयोग एवं एफएलएन अंतर्गत सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण लेने हेतु निर्देश दिया गया। इस प्रशिक्षण में 14 संकुल के 138 शिक्षकों के द्वारा प्रशिक्षण लिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में एबीईओ डोमेन्द्र कुमार भुआर्य, एलएलएफ प्रभारी रमाकांत सिन्हा , एसआरजी पीतांबर साहू डीआरजी महेश्वर राजपूत, श्यामलाल सिन्हा, दिलीप कुमार साहू, लीलाराम शेवता, संतोष डहरे, मोहनलाल सिन्हा, इंदिरा उईके पुष्पा साहू, मेनका कटेंद्र प्रशिक्षण प्रभारी के रूप में विकासखंड गुरूर के संकुल समन्वयकगण कृष्ण कुमार साहू, सिंधु राम साहू, दिलीप कुमार साहू, नरेंद्र कुमार साहू, दुलु राम ठाकुर, आसाराम कोराटिया, मोहित कुमार चुरेंद्र, जनक लाल साहू, डिकेन्द्र कुमार गंगबेर, सलेशवर कुल्हारे, जगेश लावत्रे, राजेश साहू शामिल रहे।
