नाबालिग लड़की ने कर लिया रॉन्ग नंबर पर भरोसा फिर आबरू लूट लिया दिलफेक आशिक ने: बालोद कोर्ट में मिला युवक को 20 वर्ष का कारावास



बालोद । किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद के द्वारा आरोपी सचिन कुमार ठाकुर उम्र 22 वर्ष, निवासी भरनाभाठ, थाना-देवरी, जिला-बालोद को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 366 के आरोप में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 2,000/- रूपये अर्थदण्ड तथा लैंगिक अपराध की धारा 4 (2) के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया है। व्यतिक्रम पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण सी.एल. साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार दिनांक 07 अक्टूबर 2021 को पीड़िता की माता थाना-सुरेगांव में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 03 अक्टूबर 2021 के रात्रि 8 बजे सब खाना खाकर सो गये थे, सुबह उठकर देखी तो उसकी नाबालिग पुत्री/पीड़िता घर पर नहीं थी, बिना बताये कहीं चली गयी है। आसपास पता-तलाश करने पर पता चला कि उसकी नाबालिग पुत्री को भरनाभाठ निवासी सचिन ठाकुर के साथ देखा गया है। तब प्रार्थिया अपने भाई के साथ आरोपी सचिन ठाकुर के घर गई और अपनी पुत्री / पीड़िता को साथ लेकर आयी। पूछने पर पीड़िता बतायी कि एक सप्ताह पहले उसके मोबाईल पर एक रांग नंबर से कॉल आया, जो अपना नाम सचिन कुमार ठाकुर ग्राम-भरनाभाठ का रहने वाला बताया। एक सप्ताह से फोन पर दोनों की बातचीत होने लगी इसी दौरान आरोपी प्रपोज किया कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुमसे शादी करूंगा। मैं तुमसे मिलना चाहता हूँ। तब दिनांक 03 अक्तूबर -2021 को सचिन ठाकुर अपने किसी दोस्त के घर ग्राम भेंड़ी आया और रात के 11 बजे गांव के शिशु मंदिर के पास मिलने के लिये बुलाया, जहां से आरोपी सचिन ठाकुर अपने मोटरसायकल में बैठाकर पहले ग्राम भेंड़ी ले गया फिर भरनाभाठ के होटल में ले जाकर तुमसे शादी करूंगा कहकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। दिनांक 04 अक्टूबर-2021 के सुबह 10:30 बजे सचिन अपने साथ पीड़िता को अपने घर ले गया। सचिन के घर वाले के पूछने पर सचिन ने पीड़िता को अपना दोस्त बताया। तब सचिन के पिता पीड़िता से उनके घर के मोबाईल नंबर लेकर पीड़िता की वहां होने की जानकारी दी। फिर पीड़िता की माता अपने भाई के साथ आरोपी के घर गई जहां से पीड़िता को अपने साथ लेकर थाना गई। उपरोक्त शिकायत के आधार पर महिला सेल प्रभारी निरीक्षक प‌द्मा जगत द्वारा थाना सुरेगांव में सचिन ठाकुर के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363, 366, 376 व लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 का अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में 28 अक्टूबर 2021 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना उ.नि. अमित कुमार तिवारी के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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