बालोद। बालोद जिला मुख्यालय के आसपास इन दिनों जमकर लकड़ी तस्करी का खेल चल रहा है। इस काम में कुछ राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग भी शामिल है। जिसके चलते उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती तो वही कई ठेकेदार भी संलिप्त हैं। जो किसानों को औने पौने दाम में उनकी पेड़ कटवा कर अवैध कमाई कर रहे हैं। इस क्रम में मुखबिर से सूचना प्राप्त पर हिंद सेना बालोद की टीम द्वारा पाकुरभाट मार्ग पर झलमला के सांखला राइस मिल के पीछे दबिश दी गई। जहां पर दो ट्रैक्टर में कहुआ, नीम आदि वृक्षों की कटाई करके ट्रैक्टर ट्राली में लट्ठों को भरकर रखा गया था। तत्काल हिन्द सेना की टीम ने वन विभाग को सूचित किया। यह क्षेत्र बरही इलाके में आने के कारण बरही की वन विभाग की टीम पहुंची और कार्रवाई की गई। घटनास्थल पर ट्राली में लकड़ियां भरी हुई थी। अज्ञात चालक ट्रैक्टर लेकर फरार हो चुके थे। पंचनामा बनाकर लकड़ियों और ट्रैक्टर की जब्ती कर विभाग ने आगे की कार्यवाही के लिए सुपुर्द किया। इस कार्रवाई में वन विभाग से बरही सहायक वृत्त के अधिकारी नारद राम साहू, बिट प्रभारी तुकाराम साहू, वन रक्षक नर्रा मनोज साहू, अमर सिंह शामिल रहे। तो वही हिन्द सेना की ओर से तरुण नाथ योगी,दीपक जसवनी, राहुल उपाध्याय, रोहित नेताम,संजय सेन,दिलीप साहू ,और अन्य हिन्द सैनिक उपस्थित थे।
कई इलाकों में हो रही है लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी
हिंद सेवा के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी ने आरोप लगाया कि बालोद जिले में कई इलाकों में अवैध लकड़ी की कटाई और तस्करी हो रही है। वहीं सूचना यह भी मिली है कि शक्कर कारखाने करकाभाट में भी अवैध तरीके से लकड़ी खपाया जा रहा है। क्षेत्र के ईट भट्ठा और कुछ लकड़ी टॉल्स में भी लगातार अवैध कटाई से लकड़ियां पहुंचाई जा रही है। बालोद से आसपास लगे 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में लगातार कटर मशीनों से लकड़ी कटाई और परिवहन जारी है। खासतौर से जगन्नाथपुर, सांकरा, घुमका, भोथली, मालीघोरी, झलमला, पाकुरभाट पड़कीभाट लाटाबोड़ ,गुजरा, दानीटोला ,बकली टोला सहित अन्य क्षेत्रों में लकड़ी कटाई जोरों पर है। इस मुद्दे को लेकर समय-समय पर हिन्द सेना ने आवाज उठाया है। विभाग से यही मांग करते हैं कि वे इस पर तत्परता से कार्रवाई करें। इन दिनों तस्कर प्रतिबंधित इमारती पेड़ो की कटाई भी कर रहे हैं। अब दौर कुल्हाड़ी का नहीं बल्कि कटर मशीन का आ गया है। जिसमें चंद मिनट में बड़े से बड़ा विशालकाय पेड़ धराशाई कर दिया जाता है। जिसके चलते लकड़ी तस्करी में तेजी आ गई है।
