DAILY BALOD NEWS

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12 गांव की ईष्ट देवी रानी माई मंदिर में बालोद की समाज सेविका रजनी वैष्णव करवा रही हैं 8 साल से भंडारा का आयोजन

कहती हैं: बचपन से जाती थी यहां दर्शन करने तब से आता था माता और भक्तों की सेवा का ख्याल, देने से कुछ कम नहीं होता, बढ़ता है भंडार

बालोद। इन दिनों नवरात्रि का पर्व चल रहा है। महाष्टमी के साथ नवमी का आयोजन होना है। वही देवी मंदिरों में भंडारा आदि का आयोजन भी किया जाता है। आज हम बात कर रहे हैं बालोद जिले के प्रसिद्ध रानी माई मंदिर की। जो की 12 गांव के लोगों की ईष्ट देवी है। इस जगह का नाम भी इसी आधार पर पड़ा है। जिसे 12 गांव पठार रानी माई मंदिर कहा जाता है। रानी माई मंदिर में दोनों नवरात्रि में विविध आयोजन होते हैं। तो वहीं सबसे खास मौका होता है यहां का भंडारा आयोजन। जिसे बालोद की रहने वाली समाजसेविका और एक एनजीओ की महिला सेल प्रभारी रजनी वैष्णव के द्वारा किया जाता है। 8 साल से वह यहां भंडारा करवा रही है। वह भी दोनों नवरात्रि में। अपने इस भक्ति और सेवा भाव के बारे में रजनी रहती हैं कि जब मैं छोटी थी तब से इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जाया करती थी। लोगों की आस्था को देखकर मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों ना भक्तों और मां की सेवा में मैं यहां भंडारा शुरू करूं। शुरुआत में मैंने एक ही नवरात्रि में भंडारा की शुरुआत की थी फिर मैंने दोनों नवरात्रि के भंडारे का खर्च उठाना शुरू किया। मैंने यह महसूस किया कि माता के लिए कुछ खर्च करते हैं तो कोई कम नहीं होता बल्कि माता हमारे भंडार को और भर देती है। धीरे-धीरे मेरे जीवन में तरक्की आई यह सब माता की कृपा है। मैंने रानी मां से जो भी मांगा वह मुझे मिला है। इस सेवा के बदले गांव वाले भी मुझे काफी सम्मान देते हैं। मेरा मानना है कि कभी भी माता सेवा से खुद को दूर नहीं करना चाहिए। जहां भी मौका मिले माता और उनके भक्तों की सेवा में लग जाना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर मैं विगत 8 वर्ष से यहां महा भंडारा का आयोजन करवा रहीं हूं। मंदिर समिति के अध्यक्ष रामसाय सेवता, उपाध्यक्ष खोरबाहरा राम, सचिव शिशुपाल हिडको का कहना है कि महा भंडारा के अलावा समय-समय पर रजनी वैष्णव द्वारा मंदिर के विकास के लिए भी अन्य दान और मदद की जाती है। महाष्टमी में भी वह प्रमुखता से शामिल होती हैं।

मंदिर में समाज सेविका के हाथों होता है ध्वजारोहण

मंदिर समिति के लोगों का कहना है कि हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी पर समाज सेविका रजनी वैष्णव के हाथों ही मंदिर परिसर में ध्वजारोहण कराया जाता है। ताकि मंदिर विकास में उनके द्वारा जो योगदान दिया जा रहा है उसके बदले समिति द्वारा भी एक सम्मान हो जाए। लोगों की आस्था इस जगह पर जुड़ी हुई है। आस्था के संरक्षण और मंदिर के विकास में समाज सेविका रजनी वैष्णव अपना लगातार योगदान दे रही है। इस बार 22 अक्टूबर रविवार यहां महा भंडारा है। जिसमें स्वयं रजनी वैष्णव भक्तों को प्रसाद स्वरूप भोजन परोसती है।

मंदिर के बारे में भी जानिए

रानी माई का ये मंदिर बालोद जिला का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत ही पुराना है और यहां की मान्यताएं भी बहुत ही अद्भुत है। माता रानी माई को 12 गाँव की देवी है। कहते हैं यहाँ सच्चे मन से जो भी मांगो पूरी होती है। माता के दरबार में आने वाली सभी की मनोकामना पूरी हो जाती है ।माता के दर्शन के लिए हजारो की संख्या में भक्त आते है और माता की पूजा – अर्चना करके अपनी मनोकामना को मानते है। यहाँ चैत्र नवरात्रि और क्वार नवरात्री के समय माता के दरबार में लाखो की संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए आते है। भक्तो की मनोकामना पूरा हो जाने पर यहाँ ज्योतिकलश भी जलाया जाता है। यहाँ हजारो की संख्या में ज्योतिकलश जलाया जाता है। रानी माई माता के दरबार में बाबा राधा कृष्ण ,हनुमान , शिव लिंग ,शंकर ,पार्वती , और गणेश के दर्शन भी कर सकते हैं। माता के मंदिर के आस पास का जगह बहुत ही सुन्दर और शानदार है। माता के आस पास का वातावरण बहुत ही सुन्दर प्रकृति की गोद से खिला सभी भक्तो को अपनी ओर आकर्षित करता है।

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