छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ी बुलंदी तक पहुंच रहे शिक्षक श्रवण कुमार, मिला राज्य शिक्षक सम्मान



कोसा प्राइमरी स्कूल की बदल दी तस्वीर, बच्चों के सर्वांगीण विकास में दे रहें योगदान 

बालोद|  गुंडरदेही ब्लाक के ग्राम कोसा  प्राइमरी स्कूल के शिक्षक हैं  श्रवण कुमार यादव। जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से नित नई मंजिल पा रहे हैं। हाल ही में उन्हें राज्य शिक्षक सम्मान से भी नवाजा गया है। इसके पहले वे राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के दौड़ में शामिल हुए थे और राज्य का प्रतिनिधित्व करने का मौका उन्हें मिल चुका है। श्रवण कुमार यादव सहायक शिक्षक एल बी अपने खास गुण सकारात्मक सोच, तकनीकी रूप से दक्ष शिक्षक, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान जैसे रचनात्मक कार्यों में निरंतर सहभागिता, शैक्षणिक गैरशैक्षणिक कार्यों में साथी शिक्षकों को ओरिएंट करना, मार्गदर्शक प्रेरक शिक्षक की भूमिका निभाना नियमित एवं निर्धारित समय से पूर्व शाला में उपस्थिति, समुदाय के साथ गहरा संबंध के रूप में वे जाने जाते हैं

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स्कूल के प्रति समर्पण के ये हैं उदाहरण  :-

बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु तन-मन-धन से पूर्ण समर्पित हैं ।
विद्यालय में संसाधनों की उपलब्धता हेतु जनसहभागिता एवं प्रशासन के सहयोग से लगभग 25 लाख रूपये के विकास कार्यों के क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता निभाए।
जनसहभागिता से विद्यालय में स्मार्ट क्लास एवं आकर्षक गॉर्डन “हमर फुलवारी” का निर्माण किए।
जिससे नामांकन दर में निरंतर वृद्धि हुई। विद्यालय के बच्चों में अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने के लिए स्वयं के वेतन की राशि से माईक सेट एवं म्यूजिकल एसेसरीज उपलब्ध कराया गया।

ये हैं उनकी कुछ उपलब्धियाँ :-


राज्य शिक्षक सम्मान 2023। 

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण “शिक्षादूत” सम्मान 2017 |

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2020 हेतु नेशनल ज्यूरी के समय प्रेजेंटेशन हेतु चयनित होकर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधितत्व किए ।

स्कूल शिक्षा विभाग की “पढ़ई हर दुआर” अंतर्गत cgschool.in पोर्टल में “हमारे नायक” के ब्लाग राईटर के रूप में सहभागिता । SCERT रायपुर के सौजन्स से 05 दिवसीय आवासीय कार्यशाला Workshop on Multigrade and Multilevel Methodology कृष्णामूर्ति फाउंडेशन, ऋषि बैली (आंध्रप्रदेश) में सहभागिता ।

CERT हैदराबाद में आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला में सहभागिता ।

SCERT रायपुर द्वारा विकसित MGML अवलोकन हस्तपुस्तिका “MGMI सृजन एवं शिशु शिक्षा एवं देखना (ECCE ) हस्त-पुस्तिका “उदान” के विकास में लेखन समूह एवं सामग्री निर्माण में SRG के रूप में सहभागिता ।

प्रारंभिक भाषा शिक्षण हेतु LLE नई दिल्ली एवं SCERT रायपुर द्वारा आयोजित एक वर्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता ।

SCERT रायपुर एवं डाईट दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय सिंपोजियम में सहभागिता एवं सम्मान ।

स्कूल और छत्तीसगढ़ के लिए उनका ये है लक्ष्य :-

विद्यालय में बच्चों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करने के लिए कार्य करना ।

सभी बच्चों में मानवीय शिक्षा का विकास कर एक संस्कारित नागरिक बनाने हेतु प्रयास करना।

बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना।

छत्तीसगढ़ के परम्परागत व्यवसायों से बच्चों को परिचित कराने के लिए कार्ययोजना बनाकर कियान्वित करना।

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