बच्चों के दिल और दिमाग में शिल्पी डालती हैं ज्ञान का उजाला ,मिल चूका नवाचारी शिक्षा से कई सम्मान, कोरोना जैसे चुनौती के बीच इन्होने ही किया सबसे पहले ऑनलाइन क्लास की शुरुआत 



बालोद| शास. पूर्व माध्य. शाला कुआगोंदी वि. ख.- डोंडी जिला बालोद में पदस्थ शिल्पी रॉय अपनी नवाचारी शिक्षा के लिए जानी जाती हैं । जिन्हे जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग बालोद सहित समग्र शिक्षा रायपुर और अन्य संस्थानों द्वारा कई सम्मान मिले हैं। वे कहती हैं मेरा उद्देश्य है ” Teaching the mind as well as teaching the heart is the only aim – of my life.” यानि बच्चों को दिल और दिमाग दोनों तरीके से वह बेहतर शिक्षित करना चाहती हैं. अपने शिक्षण कार्य के दौरान हर प्रकार के मानसिक स्तर के विद्यार्थियों का विषय संबंधित (अंग्रेजी, विज्ञान, गणित ) कॉन्सेप्ट क्लियर हो सके, इसके लिए नवाचार के माध्यम से विषयों का अध्यापन कराती हैं। प्रतिवर्ष विद्यार्थीयों का कैरियर काउंसिलिंग करना तथा प्रत्येक तिमाही में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी देती हैं, ताकि वे असल जीवन के लिए तैयार हो सके। बालिकाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की जानकारी समय समय पर देती रहती है। इनके मार्गदर्शन में जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में चयन, राज्यस्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में चयन, राज्य स्तरीय कला उत्सव में चयन राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर एथेलेटिक्स प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का लगातार चयन होता रहा है। राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी रायपुर में शैक्षणिक भ्रमण हेतु राजहरा जोन के नोडल अधिकारी के रूप में भी चयन हुआ था।

खास बात ये है कि कोरोना काल के दौरान विद्यार्थियों को स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2020 में “Shilpi roy classes” नाम से यूट्यूब चैनल बनाकर उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत की। ” पढ़ई तुहर दुआर “के अंतर्गत बालोद जिले का पहला ऑनलाइन क्लास भी 7 मई 2020 को इनके द्वारा लिया गया। राज्य स्तर पर cgschool.in पोर्टल में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन 15 जून 2020 से किया गया। cgschool.in पोर्टल पर इनके द्वारा स्टडी मैटेरियल्स उपलब्ध कराए गए। राजहरा ज़ोन के मास्टर ट्रेनर के रूप में इन्हें नियुक्त किया गया । संकुल स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में सेवाएं इनके द्वारा दी गई। cgschool.in पोर्टल में इनके ऑनलाइन कक्षाओं में राज्य भर के सबसे ज्यादा विद्यार्थियों के जुड़ने के कारण इनका चयन “हमारे नायक” के रूप में भी किया गया। “शिक्षा के गोठ” मासिक न्यूज लेटर में इनकी सफलता की कहानी प्रकाशित हुई। विभिन्न राष्ट्रीय मिडिया में इनका इंटरव्यू तथा 5 सितंबर 2021 को इन्हें मीडिया संस्थानों द्वारा सम्मान दिया गया । इनके मार्गदर्शन में खेल मैदान का निर्माण, बोटैनिकल गार्डन का निर्माण एवं पोषण वाटिका का निर्माण शाला में किया गया है।

प्रतिवर्ष “मृदा बचाओ” अभियान चलाया जाता है एवं वृक्षारोपण कर संवर्धन किया जाता है। इनकी शैक्षिक एवं सामाजिक कार्यों में सहभागिता रहती है एवं उनके द्वारा लिखे गए लेख विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं।स्तर के उपचारात्मक शिक्षण की कक्षाएं इनके द्वारा लगातार ली गई है। समग्र शिक्षा रायपुर की प्रश्न बैंक निर्माण कार्यशाला में प्रश्नों का निर्माण कार्य इनके द्वारा किया गया है। Mission LOC कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन तथा ऑफलाइन कक्षाओं का सफल संचालन किया जा चुका है। “गुरु तुझे सलाम” और “मोर मयारू गुरुजी ” जैसे कार्यक्रमों में भी उनकी उपस्थिति रही है। टाटा इंस्टीट्यूट द्वारा संचालित ट्रेनिंग भी प्राप्त कर चुकी है। विकासखंड स्तरीय कला उत्सव में निर्णायक की भूमिका रही है । विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर रहती है। जिला परियोजना समग्र बालोद द्वारा पढाई तुंहर दुवार 2.0 में उल्लेखनीय कार्य के लिए 26  जनवरी 2022 को  शिक्षक सम्मान  भी मिला है। विकासखंड स्तरीय कला उत्सव में निर्णायक के रूप में कार्य कर चुके हैं। विभिन्न प्रकार के शैक्षिक संगोष्ठी में सहभागिता, सामाजिक कार्यक्रम में पूर्ण सहभागिता और प्रतिवर्ष योग में सहभागिता व संचालन करती हैं। ट्रेनिंग ऑफ़ स्कूल कार्यक्रम के अंतर्गत गुजरात राज्य के शासकीय शाला के साथ मंच साझा (ऑनलाइन) करते हुए वहां के शिक्षकों ने उनके स्कूल के साथ ट्रेनिंग किया। जिसमें वहां के जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और बालोद जिले के शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारी भी सम्मिलित हुए थे. ऑनलाइन कक्षाओं को क्रिएट करना, क्लासेस अरेंज करना और विद्यार्थियों को लिंक  भेजकर उन्हें ऑनलाइन क्लास में जोड़ने के लिए ट्रेनिंग क्लास में उन्हें राजहरा जोन  का मास्टर ट्रेनर भी नियुक्त किया गया था। ये सब जून 2020 की बात है जब शिक्षा का क्षेत्र कोरोना जैसे गंभीर खतरे से जूझ रहा था और स्कूलों में पढ़ाई ठप हो रही थी। 

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