बालोद। यह वर्ष छत्तीसगढ़ के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष यहां विधानसभा के चुनाव होने हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी तैयारी में जुट चुके हैं वहीं भाजपा ने अपने 21 प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है। राज्य के दोनों ही प्रमुख दलों द्वारा प्रत्याशियों के चयन व उनकी वास्तविक स्थिति को टटोलने के लिए विधानसभा स्तरीय सर्वे का सहारा लिया गया है। सूत्रों की माने तो भाजपा की सर्वे रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी जा चुकी है, जिसके आधार पर केंद्रीय नेतृत्व बचे हुए सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। वहीं सत्तारूढ़ कांग्रेस भी पूरी दमखम के साथ अपनी चुनावी तैयारी में हैं। संजारी बालोद विधानसभा में देखे तो यहां स्थानीय निवासियों के अनुसार साहू की बहुलता है। यहां साहू समाज से स्व. हीरालाल सोनबोइर (कांग्रेस), प्रीतम साहू (भाजपा), स्व मदन साहू (भाजपा), कुमारी बाई साहू (भाजपा) अब तक विधानसभा सदस्य (विधायक) के रूप में निर्वाचित हुए हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में देखें तो भाजपा ने यहां से साहू समाज से पवन साहू को अपना प्रत्याशी बनाया था परंतु विगत 10 वर्षों से यहां साहू समाज का प्रत्याशी पराजित होता आया है।

संजारी बालोद विधानसभा में कांग्रेस के संभावित साहू प्रत्याशियों में मीना सत्येन्द्र साहू, चंद्रेश हिरवानी, हलधर साहू, ललिता पिमन साहू, संजय प्रकाश चौधरी एवं गैर साहू प्रत्याशियों में संगीता सिन्हा, संजय चंद्राकर ,केदार देवांगन, विकास चोपड़ा का नाम प्रमुख है। भाजपा में संभावित साहू प्रत्याशियों में दीपा साहू, तोमन साहू, संध्या साहू एवं गैर साहू में जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार, राकेश यादव, सुरेंद्र देशमुख का नाम प्रमुखता से देखने को मिल रहा है। वहीं भाजपा संजारी बालोद में नए युवा साहू चेहरे पर भी दांव खेल सकती है। आंतरिक सूत्रों की माने तो भाजपा संजारी बालोद में अपने भविष्य को टटोलते हुए युवा चेहरे के रूप में विद्यार्थी परिषद और संघ पृष्ठभूमि के मोरध्वज साहू के नाम पर भी विचार कर रही है। वर्तमान में मोरध्वज भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारी में हैं एवं जिला दुर्ग भिलाई के जिला प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
वहीं कांग्रेस में वर्तमान विधायक संगीता सिन्हा एवं उनके पति पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा की भी स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है। अब देखना है कि दोनों ही प्रमुख दलों में प्रत्याशियों की घोषणा कब और किस समीकरण के तहत होती है।
