बालोद/ गुरुर। गुरुर के विधायक कार्यालय में रविवार को राजीव गांधी की पुण्यतिथि मनाई गई। साथ ही बालोद युवा कांग्रेस ने रक्तदान शिविर आयोजित किया। विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि देश की विकास और निर्माण में स्वर्गीय राजीव गांधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

राजीव जी ने युवा प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली। उनके नवोन्मेष और दूरदर्शी युवा सोच के कारण भारत में सूचना क्रांति आई। जिसमें देश को एक नई गति और दिशा दी उनकी पहल के प्रभाव के रूप में आज हम ई प्रशासन का वर्तमान स्वरूप और शासकीय कामकाज में पारदर्शिता देख पा रहे हैं। डिजिटल इंडिया के नींव राजीव जी के कार्यकाल में ही रखी गई थी। राजीव जी ने पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों को अधिकार संपन्न बनाकर देश की नींव मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ही मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष में युवाओं को मत देने का अधिकार दिलाया था। विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देकर उन्होंने देश में उद्योगों के लिए नए रास्ते खोले। वास्तव में वे आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा थे। उनका छग से भी गहरा लगाव था। यहां की आदिवासी संस्कृति और निवासियों को उन्होंने करीब से देखा जाना और उनके विकास के लिए काम किया। गरियाबंद जिले के आदिवासी अंचल कुल्हाड़ी घाट में 1985 में उनका संक्षिप्त प्रवास हुआ था। जो आज भी लोगों की यादों में बसा हुआ है। उन्होंने गुरुर के पड़ोसी जिले धमतरी के दुगली की यात्रा की थी। जिसे अब राजीव ग्राम के नाम से भी जाना जाता है।पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा ने भी कहा कि राजीव जी ने समावेशी विकास का सपना देखा और उसके लिए अनेकों नीतियां बनाई उनके पद चिन्हों पर चलते हुए छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार भी अंत्योदय से लेकर उद्यमियों तक सबके लिए विकास के लिए काम कर रही है। राज्य सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर ही 2020 में राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है। जिसके तहत प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों को सीधे उनके खातों में प्रति एकड़ ₹9000 कृषि आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) अंतरित की जा रही है। इसी प्रकार खेती-किसानी में कृषि मजदूर के रूप में काम करने वाले लोगों को राहत देने राजीव गांधी भूमिहीन मजदूर न्याय योजना की शुरुआत भी की गई है। जिसमें ₹7000 सालाना उनके खातों में दिया जाता है। राजीव जी आतंकवाद के आगे नहीं झुके और देश के लिए अपने प्राणों की भी परवाह नहीं की। उनके सम्मान में श्रद्धांजलि देने के लिए ही उनकी पुण्यतिथि 21 मई को पूरा देश आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में भी मनाता है।
