बालोद। समग्र शिक्षा अभियान, राज्य परियोजना कार्यालय रायपुर के निर्देश पर जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा बालोद द्वारा जिला स्तरीय श्रेष्ठ पालकत्व एवं एसएमसी सदस्यों के उन्मुखीकरण हेतुजिला स्रोत दल संकुल स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण बी आर सी भवन आमापारा बालोद के प्रशिक्षण हॉल में सात चरणों में आयोजित किया गया। इसके प्रथम चरण में सभी विकासखंड के 5 सीएसी व 5 शिक्षकों को ,इस प्रकार प्रत्येक ब्लॉक से 10,10 प्रतिभागी शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में शामिल किया गया है। कार्यशाला की शुरुआत में एपीसी जीएल खुरश्याम व जिला मिशन समन्वयक अनुराग त्रिवेदी ने मां सरस्वती की स्तुतिकर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। इस मौके पर अंजू लता योगी शिक्षिका ने सरस्वती वंदना में अपनी प्रस्तुति दी। राजकीय गीत अरपा पैरी के धार को हारमोनियम के साथ लोमश साहूशिक्षक, बघमरा ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र गजेंद्र बीआरसीसी बालोद ने किया। सभी प्रतिभागी शिक्षक ने सर्व धर्म प्रार्थना प्रस्तुत की। सत्र में शोध व्यक्तियों का परिचय व प्रतिभागियों से प्रारंभिक चर्चा करते हुए जी एल खुरश्याम ने सत्र और शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण के संबंध में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा में पालकों व शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रशिक्षण के पश्चात प्रभावी रूप से जमीनी स्तर पर और पालकों को प्रशिक्षण देकर राज्य साक्षरता मिशन द्वारा विकसित आखर अंजोर कैलेंडर, चित्र कार्ड, पोस्टर, मूल्यांकन कार्ड, प्रशिक्षण मैनुअल, सहजकर्ता कैंलेंडर आदि का उपयोग करने की अपील की।

स्रोतशिक्षक एन के पाटिल ने प्रतिभागियों से चर्चा करते श्रेष्ठ पालकत्व क्या है ? इस पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि बच्चों के गुणों, शारीरिक, मानसिक, संवेगों को समझने से लेकर घर में शैक्षिक वातावरण बनाने, बच्चों की प्रतिभा को पहचानने,उनके लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करना, साथ में बच्चों के गुणों को पहचान कर अपने पैरों में खड़े होने तक मदद करना आवश्यक है। सत्र में कैशरीन बैग ने प्रशिक्षण सामग्री कैलेंडर, पोस्टर, चित्र कार्ड आदि का प्रदर्शन करते हुए प्रशिक्षण में इसके उपयोग की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने प्रथम दिवस के प्रशिक्षण सत्रों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हमने आज शाला प्रबंधन समिति, उनके सदस्यों का सक्रिय सहयोग से बच्चों की शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने में अपनी भूमिका रेखांकित कर सकते हैं। सत्र में खिलेश्वर गंजिर ने एस एम सी सदस्यों का शाला में सहयोग, भौतिक एवं शैक्षिक विकास के लिए बिंदुवार चर्चा की । कैशरीन बैग बालोद ने शिक्षकों, बच्चों की समय पर उपस्थिति, बच्चों की सीखने की स्थिति, बच्चों के साथ भेदभाव न किए जाने, सदस्यों की सक्रियता से लाभ, शालाओं में उपचारात्मक शिक्षण आदि पर आधारित रोल प्ले कराया। जिला मिशन समन्वयक अनुराग त्रिवेदी ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर शिक्षकों को एस एम सी सदस्यों को सक्रिय करने विशेष प्रयास करना होगा, शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों का क्रियान्वयन अपने शालाओं में करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु काम करना होगा। शाला परिसर व उनके आसपास की परिवेश को साफ सुथरा व आकर्षक बनाने हेतु विशेष प्रयास करते हुए लोगों को जागरूक करना होगा।शाला के कमरों की लिपाई पुताई रंग रोगन पर ध्यान देना होगा। जब शाला का माहौल सुंदर होगा तो विद्यार्थी निश्चित ही पूरे मनोभाव से पढ़ने लिखने में ध्यान देंगे। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित शैक्षिक कैलैंडर ,दुलार कार्ड्स, सुगमकर्ता कैलैंडर आदि का प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। ए.पी.सी. जी एल खुरश्याम ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण की आवश्यकता,महत्व व भविष्य की योजना निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। असर सर्वे टेस्ट की जिले में होने वाली तिथियों 26,27 नवम्बर के लिए विशेष तैयारी किये जाने के लिए प्रेरित किया। दोनों चरणों मे जिले के 60 ग्रामों के शालाओं में अध्ययनरत 6 वर्ष से 16 वर्ष के विद्यार्थियों का असर टीम के द्वारा टेस्ट कर उनका कौशल स्तर परखा जाना है। इससे जिले की रैंकिंग का निर्धारण होगा। समापन अवसर पर साक्षरता मिशन के आखर अंजोर कैलेंडर से प्रतिभागियों को प्रेरित करने दाई के मया अऊ ददा के दुलार ,चार गोड़ के चापक चेंपों, मुहर बहाना ढेंकी बाजे धान बिना ठक ले आदि लोक संस्कृति की ओर आकर्षित करते हुए गीत कविता सुनाए गए। इसमें प्रतिभागियों ने काफी रूचि ली। सहभागिता पूर्ण गायन कराके मास्टर ट्रेनर्स ने प्रेरित किया। इस मौके पर नितेश लाला आई.टी.एक्सपर्ट, आस्था चंद्राकर न्यूमरेसी एक्सपर्ट, भूपेंद्र वर्मा लिटरेसी एक्सपर्ट एवं सहयोगी के रूप में प्रशिक्षण प्रभारी एनके साहू गुरुर उपस्थित रहे। एल एल एफ से जिला प्रभारी वंदना पाठक एवं उनकी टीम ने प्रारम्भिक भाषा शिक्षण पर आधारित एफएलएन की महत्वपूर्ण जानकारी शिक्षकों को दिया। संपर्क फाउंडेशन से सरिता खलखो ने बच्चों को पढ़ाने के लिए क्यू आर कोड से पढ़ाने की विधियों से अवगत कराया। जिले में संचालित 65 बालवाड़ी के सफल संचालन हेतु नियुक्त बालवाड़ी प्रभारियों के द्वारा भी विभिन्न उपयोगी जानकारी शिक्षकों को दिया गया। आवश्यक व्यवस्था बनाने में जितेंद्र साहू,मनोज का विशेष सहयोग रहा।
