शहीद वीर नारायण सिंह शहादत दिवस विशेष: अकाल पीड़ितों की पीड़ा नहीं देखी गई थी वीर नारायण सिंह से, जितनी जरूरत थी उतना ही लूटा था एक व्यापारी का दुकान, शिकायत पर अंग्रेजों ने उन्हें दे दी थी फांसी फिर शव को तोप से उड़वाया था
बालोद। 10 दिसंबर का दिन आते ही आदिवासी समाज में एक शोक सा माहौल बन जाता है। यह दिन उस महान स्वतंत्रता सेनानी, छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद माने जाने वाले…
