दल्लीराजहरा। सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प को साकार करने वाला केंद्रीय बजट गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों तथा जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए पूर्णतः समर्पित है। यह बजट समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाने वाला है। यह बात प्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के महामंत्री डॉ. देवेंद्र माहला ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
डॉ. माहला ने कहा कि इस बजट में महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, किसान हित, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजातीय कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है और प्रदेश तथा देश के समावेशी विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट सरकार की जनकल्याणकारी सोच और दूरदर्शी नीति का स्पष्ट प्रमाण है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बजट के प्रभावी क्रियान्वयन से भारत आर्थिक रूप से अग्रणी देशों की श्रेणी में शामिल होगा। बजट को सर्वव्यापी और सर्वजन हितों को ध्यान में रखते हुए दूरगामी सोच के साथ तैयार किया गया है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।
डॉ. माहला ने बताया कि आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रत्येक सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। मेडिकल क्षेत्र में बायो-फार्मा को बढ़ावा देने हेतु 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार होगा। देश में 7 हाई-स्पीड ट्रेनों की स्वीकृति से यात्री सेवाओं के साथ परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कि मेगा टेक्सटाइल पार्क, ग्लोबल बायो प्रोडक्ट्स, पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के पुनरुद्धार तथा बंद पड़े उद्योगों को पुनः प्रारंभ करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए पैनल का गठन किया गया है तथा पीआरओएस में निवेश की सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत की गई है। छोटे शहरों में तीर्थ स्थलों के विकास का भी प्रावधान किया गया है।
डॉ. माहला ने बताया कि बजट में पाँच रीजनल मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव है। शिक्षा और रोजगार पर विशेष फोकस किया गया है। महिला सशक्तिकरण के तहत प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल का प्रावधान किया गया है। लखपति दीदी मॉडल के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों की उद्यमी महिलाओं के लिए शी-मार्ट स्थापित किए जाएंगे, जहाँ महिलाओं द्वारा निर्मित खाद्य उत्पाद, हस्तशिल्प, वस्त्र एवं स्थानीय उत्पादों की सीधी बिक्री होगी।
उन्होंने कहा कि बजट देश की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए समावेशी दृष्टिकोण से बनाया गया है। इनकम टैक्स स्लैब में भले ही कोई बदलाव नहीं किया गया हो, लेकिन रिटर्न फाइलिंग के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया गया है, जिससे व्यापारियों को संशोधित रिटर्न दाखिल करने में सुविधा मिलेगी। बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे आने से वर्ष 2026-27 में घाटे में और कमी आएगी, जिसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम देश की अर्थव्यवस्था पर दिखेंगे।
डॉ. माहला ने कहा कि रक्षा बजट में 15.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे हथियारों की खरीद और सेना के आधुनिकीकरण पर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक व्यय किया जाएगा, जो देश की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
