करहीभदर/बालोद।
ग्राम पंचायत करहीभदर में दिनांक 29 जनवरी 2026, गुरुवार को निर्धारित ग्राम सभा का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सभा आयोजित करने की विशेष जिम्मेदारी तय की जाती है, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी प्रभारी के रूप में नियुक्त किए जाते हैं।
लेकिन ग्राम पंचायत करहीभदर की ग्राम सभा में जिस अधिकारी को प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी, वही ग्राम कृषि विस्तार अधिकारी दानेश्वर प्रसाद साहू बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। प्रभारी अधिकारी की गैरहाजिरी को लेकर ग्राम सभा में भारी नाराज़गी देखने को मिली।
इस अवसर पर सरपंच बसंत कुमार तारम, जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना, धनंजय साहू, पंचगण एवं ग्राम पंचायत करहीभदर के उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने अधिकारी की लापरवाही पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से कहा गया कि शासन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का इस तरह से निर्वहन न करना ग्राम सभा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया का अपमान है।
जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने शासन-प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने में मात्र दो दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक कई किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो सोसायटियों में ऑफलाइन टोकन काटे जा रहे हैं और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर किसानों पर जबरन रकबा समर्पण का दबाव बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है और शासन की लापरवाही को दर्शाता है। ग्राम सभा में उपस्थित किसानों और ग्रामीणों ने भी इस मुद्दे पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
ग्राम सभा में यह मांग की गई कि प्रभारी अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा धान खरीदी और टोकन कटौती की प्रक्रिया को तुरंत सुचारु किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
ग्राम सभा से प्रभारी अधिकारी नदारद, पंचायत प्रतिनिधियों में रोष, धान खरीदी व टोकन कटौती में लापरवाही पर शासन-प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
