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सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्रामीण, रेंगाडबरी–अन्नुटोला सड़क बनी मुसीबत; आंदोलन की चेतावनी

नेमन साहू, रेंगाडबरी,डौंडी लोहारा/बालोद। वनांचल क्षेत्र की रेंगाडबरी से अन्नुटोला को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। शासन-प्रशासन की लगातार अनदेखी के चलते सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि अब इस मार्ग से आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से इस सड़क की सुध नहीं ली गई, जिसका खामियाजा आज उन्हें भुगतना पड़ रहा है। सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, गिट्टी बाहर निकल आई है और धूल के गुबार से राहगीर परेशान हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि चार पहिया वाहन चलाना तो दूर, अब साइकिल और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खासकर किसान, छात्र, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हाल ही में रेंगाडबरी सोसायटी में धान और अन्य सामग्री लाने के लिए किसान मजबूरी में इसी सड़क का उपयोग कर रहे थे। इस दौरान कई जगह चार पहिया वाहन खराब हो गए, कहीं पंचर हो गया तो कहीं वाहन फंस गए। घंटों की मशक्कत के बाद किसान किसी तरह सोसायटी तक पहुंच पाए।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

रेंगाडबरी से अन्नुटोला मार्ग एक प्रमुख मार्ग है, जिससे होकर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे रोजाना पढ़ने-लिखने के लिए आवाजाही करते हैं। बरसात के मौसम में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती है। कीचड़, गड्ढों और फिसलन के कारण आए दिन साइकिल व बाइक सवार बच्चे हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बच्चों को चोटें आई हैं, लेकिन इसके बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही सड़क की हालत

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत हर दिन और खराब होती जा रही है। यदि समय रहते मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य नहीं किया गया, तो आने वाले 15 दिनों या एक माह के भीतर स्थिति और भयावह हो जाएगी। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे चक्काजाम कर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

ग्रामीणों में गुस्सा, सरकार पर उपेक्षा का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि वनांचल क्षेत्र होने के कारण उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जबकि यह सड़क उनकी जीवनरेखा है। इसी मार्ग से मरीज अस्पताल जाते हैं, किसान अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाते हैं और बच्चे स्कूल जाते हैं।

मीडिया के माध्यम से शासन-प्रशासन से गुहार

ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से शासन-प्रशासन से मांग की है कि सड़क की बदहाल स्थिति को देखते हुए तत्काल निरीक्षण कराया जाए और मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण का कार्य तुरंत शुरू किया जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के रास्ते पर जाएंगे।

इस मौके पर ग्राम पंचायत भीमटोला की सरपंच गोमती बाई नायक, अंकुश कुंजाम, तिलक राम कोरेटी, परमेश्वर कुंजाम, रिखी राम यादव, नोहर साहू, इमरान खान, लोमन कुंजाम, गैंदलाल साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों का साफ कहना है कि सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और वे सरकार की लापरवाही का दंश झेल रहे हैं। अब यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो जनआंदोलन तय है।

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